मरीज नहीं ले रहे कफ सिरप
बरेली केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सदस्य मुकेश खटवानी के मुताबिक नकली कफ सिरप के सेवन से मौतों की जानकारी लोगों को है। लिहाजा, सर्दी-खांसी होने पर भी वे कफ सिरप नहीं मांग रहे। कफ सिरप से हुई मौतों के मामले में डॉक्टर भी नपे हैं। इसलिए अब पर्चे पर मरीजों को कफ सिरप के बजाय रेसप्यूल का परामर्श दिया जा रहा है।
निजी अस्पतालों के मेडिकल स्टोर भी रडार पर
ज्यादातर थोक और फुटकर विक्रेताओं के प्रतिष्ठान से कफ सिरप के नमूने भरने पर दवा कारोबारियों ने आपत्ति जताई है। उनके मुताबिक निजी अस्पतालों में संचालित मेडिकल स्टोरों पर कफ सिरप की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। आपत्तियों का संज्ञान लेकर अब औषधि विभाग की टीम जिले के निजी अस्पतालों में चल रहे मेडिकल स्टोरों की भी जांच के लिए पहुंचेगी।
सिर्फ तीन ही ब्रांड के भरे जाएंगे नमूने
औषधि निरीक्षक राजेश कुमार के मुताबिक संदिग्ध मिले तीन ब्रांड के कफ सिरप के अलावा अन्य किसी ब्रांड का नमूना नहीं लिया जाएगा। मेडिकल स्टोर द्वारा कफ सिरप का नया स्टॉक न मंगाने और मरीजों को कफ सिरप का परामर्श और विक्रय नहीं करने के प्रकरण का संज्ञान लेकर यह दिशा निर्देश आयुक्त ने दिए हैं। लिहाजा अब कोल्डि्फ, रेस्पिफ्रेश टीआर, रीलाइफ सिरप के ही नमूने लिए जाएंगे।