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Bareilly News: सीओ, एसीओ, दो लेखपाल, ड्रॉफ्टमैन और अब पेशकार ने कराई बदनामी

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ढाई साल में घूसखोरी में पकड़े गए चकबंदी विभाग के छह अधिकारी-कर्मचारी
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बरेली। ढाई साल में चकबंदी विभाग घूसखोरी में जमकर बदनाम हुआ है। पहले सीओ दबोचे गए, फिर एक-एक कर अब तक छह रिश्वतखोर एंटी करप्शन टीमों के हत्थे चढ़ चुके हैं। जुलाई में रिश्वतखोरी में चकबंदी लेखपाल हरीश कुमार के गिरफ्तार होने पर डीएम ने चकबंदी अधिकारियों को अपने कक्ष में बुलाकर चेतावनी दी थी। इसके बावजूद चकबंदी कार्यालय में घूसखोरी के मामले नहीं थम रहे हैं। बृहस्पतिवार दोपहर पेशकार रजत चौधरी की गिरफ्तारी इसका प्रमाण है। अभी सितंबर में ही सदर तहसील में ड्रॉफ्टमैन (मानचित्रकार) राजीव मित्तल भी घूस लेते दबोचा गया था।
एंटी करप्शन टीम के मुताबिक, रजत के पास से रिश्वत में ली गई रकम बरामद कर ली गई। तलाशी में आरोपी की जेब से 6,120 रुपये और मिले। टीम ने लाल फाटक के पास स्थित वृंदावन धाम कॉलोनी स्थित रजत के कमरे पर भी दबिश दी, लेकिन वहां ताला लगा मिला। शायद वहां मौजूद परिवार के लोग भनक लगने पर ताला लगाकर खिसक गए। रजत को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इधर, सीओ चकबंदी श्याम नारायण अग्निहोत्री का कहना है कि जब उनके कार्यालय में एंटी करप्शन टीम आई, उस समय वह एक जांच में गए थे। उन्होंने इस संबंध में कोई जानकारी नही है। उन्होंने यह भी कहा कि रजत चौधरी किस मामले में पैसा मांग रहा था, यह भी उनकी जानकारी में नहीं है।
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कोई घूस मांगे तो यहां करें शिकायत
यदि सरकारी कार्यालयों में कोई अधिकारी या कर्मचारी शासकीय कार्य के बदले घूस मांग रहा है तो उसकी शिकायत एंटी करप्शन के दफ्तर में आकर कर सकते हैं। सीओ एंटी करप्शन के मोबाइल नंबर 9454405475 व प्रभारी निरीक्षक के मोबाइल नंबर 9454401653 पर भी सूचनाएं दी जा सकती हैं।
ये मामले भी बने सुर्खियां
14 मई 2025 : सहायक चकबंदी अधिकारी महेश सिंह को एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया था।
24 जुलाई 2025 : चकबंदी लेखपाल हरीश कुमार को एंटी करप्शन टीम ने 8,000 रुपये घूस लेते हुए पकड़ा था।
4 अप्रैल 2023 : चकबंदी लेखपाल महावीर सिंह को एंटी करप्शन टीम ने 8,000 रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया था।

20 अप्रैल 2023 : चकबंदी अधिकारी-तृतीय रणधीर सिंह को एंटी करप्शन टीम ने भुता क्षेत्र के गजनेरा गांव के किसान रोशन लाल से 50 हजार रुपये घूस लेते दबोचा था।
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किसानों को लेखपाल-कानूनगो के जरिये संदेश भेजता था पेशकार
फरीदपुर। पदारथपुर के आदिल का कहना है कि दादी से दान में मिली चार बीघा जमीन के दाखिल खारिज का वाद चकबंदी अधिकारी (सीओ) कोर्ट में चल रहा था। यहां एक वर्ष से तैनात पेशकार रजत चौधरी 30 हजार रुपये मांग रहा था। 20 हजार रुपये में मामला तय हुआ। बृहस्पतिवार को आदिल 15 हजार रुपये लेकर एंटी करप्शन टीम के साथ कोर्ट पहुंचे थे। एंटी करप्शन टीम ने पेशकार को घूस के 15 हजार रुपये के साथ गिरफ्तार किया और कोर्ट से आदिल के मुकदमे की फाइल भी कब्जे में ले ली। कोर्ट में रखी लोहे की अलमारी जिसमें अन्य वादों की फाइलें रखी हैं, उसमें भी ताला लगाकर एंटी करप्शन टीम चाबी साथ ले गई। गांव के अन्य किसानों ने भी बताया कि पेशकार रजत चौधरी लेखपाल-कानूनगो के जरिये किसानों के पास सीओ कोर्ट में दाखिल खारिज एवं चक परिवर्तन के लिए मुकदमा करने का संदेश भेजता था। कोर्ट में मुकदमा होने के बाद वह पक्ष में निर्णय कराने के नाम पर वसूली करता था। संवाद
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