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बिना मेरिट लिस्ट के रिजल्ट घोषित, स्कूलों में सन्नाटा

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बरेली। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) ने शनिवार को आईसीएसई (10वीं) और आईएससी (12वीं) का रिजल्ट घोषित कर दिया। इस बार परीक्षा नहीं हुई लिहाजा मेरिट लिस्ट भी जारी नहीं की गई। कोविड के हालात के बीच रिजल्ट के मौके पर स्कूल भी नहीं खुले इसलिए विद्यार्थियों को दोस्तों के साथ जश्न मनाने का मौका भी नहीं मिला।
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आईसीएसई और आईएससी बोर्ड के मंडल भर में गिने-चुने स्कूल हैं जिनमें करीब चार हजार विद्यार्थी हैं। लंबे इंतजार के बाद शनिवार को रिजल्ट घोषित हुआ लेकिन उस पर कोविड का साफ असर दिखाई दिया। स्कूलों की तरफ से कोविड का हवाला देते हुए विद्यार्थियों को पहले ही निर्देश जारी कर दिए गए थे कि वे स्कूल न आएं और घर पर ही रहकर रिजल्ट देखें। लिहाजा पहली बार रिजल्ट के मौके पर न स्कूलों में बच्चे इकट्ठे हुए न कोई जश्न मनाया गया। शहर के स्कूलों के मेन गेट पर ताले लटके रहे और सन्नाटा पसरा रहा। बच्चों ने अपने परिवारों में ही रिजल्ट का जश्न मनाया।
मायूसी... स्कूलों पर लटके रहे ताले
न शिक्षकों का आशीर्वाद मिला न
दोस्तों के साथ खुशी मना पाए
कोविड की वजह से इस बार न स्कूल पहुंच पाए और न दोस्तों के साथ जश्न मना पाए। काफी मन था कि स्कूल में सबके साथ खुशियां मनाएं लेकिन घर पर ही रहना पड़ा। परिवार के साथ ही खुशियां साझा कीं।
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-प्रत्यूश भारतीय, 97 फीसदी, हाईस्कूल हॉर्टमैन कॉलेज
रिजल्ट के मौके पर भी स्कूल न पहुंच पाने का मलाल रहा। रिजल्ट देखकर घर से ही शिक्षकों को फोन कर उन्हें परिणाम के बारे में बताया। उनसे मिलकर आशीर्वाद नहीं ले सका और न उन्हें मिठाई खिला सका। -ध्रुव जोत सिंह, 97 फीसदी, हाईस्कूल हॉर्टमैन कॉलेज
ऐसा शायद कभी नहीं हुआ होगा कि बोर्ड का रिजल्ट आया हो और बच्चे स्कूल नहीं पहुंच सके। स्कूल जाने का मौका मिलता तो और सबको बेहतर लगता लेकिन कोविड के कारण ऐसा नहीं कर सके। -शिवांश कटियार, 92 फीसदी, हाईस्कूल, हॉर्टमैन कॉलेज
आज के दिन भी स्कूल न पहुंच पाने का मलाल रहा। शिक्षकों के साथ मिलकर रिजल्ट की खुशियां साझा नहीं कर सके। हमें यह मुकाम उन्हीं के आशीर्वाद से मिला है। उनकी इसमें बराबर की मेहनत रही है। - ऋषभ, 95.4 फीसदी, हाईस्कूल, हॉर्टमैन कॉलेज
परीक्षा का परिणाम आने के बाद स्कूल पहुंच पाते तो और अधिक अच्छा रहता। यही पल हमारे पूरे जीवन के लिए यादगार हो जाते है। कोविड के कारण हम परिणाम देखने के बाद भी घरों में ही रहे। -स्नेहा पटेल, 96 फीसदी, हाईस्कूल सेंट मैरी कॉन्वेट स्कूल
मेहनत सफल होती है तो शिक्षकों के साथ मिलकर खुशी मनाने की बात ही अलग होती है। इस बात की काफी मायूसी है कि इस बार हम लोग न दोस्तों से मिल सके और न ही कहीं बाहर पार्टी करने जा सके। -काव्य मौर्य, 95.4 फीसदी, हाईस्कूल सेंट मैरी कॉन्वेट स्कूल
वैसे ही कोविड का दौर है, ऊपर से साप्ताहिक लॉकडाउन के कारण सब बंद था। नहीं तो रिजल्ट देखने के बाद स्कूल भी जाते और परिवार के साथ बाहर कहीं घूमने भी निकलते। मगर ऐसा कुछ नहीं हो सका। -अदा चौधरी, 95 फीसदी, सेंट मैरी कॉन्वेट स्कूल
कोरोना की वजह से इस बार बोर्ड परीक्षाएं नहीं हो सकी थी। पहले हुई परीक्षाओं के आधार पर नंबर दिए गए। यह भी अलग तरह का अनुभव रहा। दोस्तों के साथ खुशियां मनाने का मौका मिलता तो और ही बात होती। - शिवांशी, 94.2 फीसदी, हाईस्कूल सेंट मैरी कॉन्वेट स्कूल
परीक्षा परिणाम के बाद विद्यार्थी स्कूल पहुंचते हैं तो शिक्षकों के साथ अपनी खुशी साझा करते हैं तो यह एकदम अलग तरह का अनुभव होता है। इस बार सिर्फ शिक्षकों को फोन कर परिणाम के बारे में बताया। -सहर अनवर, 98.2 फीसदी, इंटरमीडिएट, सेंट मारिया कॉन्वेंट स्कूल
काफी इंतजार के बाद रिजल्ट आया। इसकी तो बेहद खुशी है लेकिन स्कूल पहुंचकर शिक्षकों से नहीं मिल पाए इस बात का दुख भी है। शिक्षकों से मिल पाते तो और अच्छा होता। - कशिश अग्रवाल, 97.5 फीसदी, इंटरमीडिएट सेंट मारिया कॉन्वेंट स्कूल
रिजल्ट बहुत अच्छा रहा। मेरे साथ ही मेरी बहन का भी रिजल्ट आया लेकिन दोस्तों और शिक्षकों के साथ खुशियां मनाने हम दोनों स्कूल नहीं जा सके। स्कूल जा पाते तो और अच्छा होता। -खुशी खंडेलवाल, 91.2 फीसदी, इंटरमीडिएट हॉर्टमैन कॉलेज
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ये मेधावी भी चमके
आईसीएसई
1- कुशाग्र सक्सेना, 86 फीसदी हॉर्टमैन कॉलेज
2- खुशी अग्रवाल, 96 फीसदी हॉर्टमैन कॉलेज
3- यशिका भाटिया, 92 फीसदी, हॉर्टमैन कॉलेज
4- देव कपूर, 94 फीसदी, सेंट मैरी कॉन्वेट स्कूल
5- शुभांगी लखोटिया, 95 फीसदी, हार्टमैन कॉलेज
6- विधि गोयल, 97.8 फीसदी, सेंट मारिया कॉन्वेंट स्कूल
7- अर्नव अग्रवाल, 93.2 फीसदी, हार्टमैन कॉलेज
8- तनिष्क भार्गव, 86 फीसदी, हार्टमैन कॉलेज
आईएससी
1- खुशबू खंडेलवाल, 89 फीसदी, हॉर्टमैन कॉलेज
2- आयुषी चंदोला, 93.2 फीसदी, हॉर्टमैन कॉलेज
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