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World Tourism Day: पीलीभीत में चूका बीच कराता है गोवा जैसा एहसास, जंगल में दिखते हैं रोमांचकारी नजारे

Fri, 27 Sep 2024 11:27 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व - फोटो : अमर उजाला
हरियाली के बीच कभी पेड़ों तो कभी नहरों को पार करते बाघों के अद्भुत नजारों ने पीलीभीत जिले को पर्यटन के क्षेत्र में देश ही नहीं विदेशों में भी अलग पहचान दिलाई है। इससे न सिर्फ पीटीआर (पीलीभीत टाइगर रिजर्व) के पर्यटन सत्र को पंख लगे बल्कि रोजगार की दिशा में भी सुखद परिणाम सामने आए हैं। 

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या ने पर्यटन को बुलंदियों पर पहुंचाने का काम किया है। पीटीआर की महोफ रेंज के जंगल और शारदा डैम के किनारे स्थित चूका बीच का नजारा सैलानियों के लिए मिनी गोवा जैसा एहसास कराता है। छह माह तक चलने वाले पर्यटन सत्र के दौरान हजारों सैलानी यहां आकर प्राकृतिक सुंदरता को करीब से निहारते हैं। इसके अलावा बाघों के अदभुत नजारों ने भी सैलानियों को आकर्षित किया है। 
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बाघ की मस्ती - फोटो : वीडियो ग्रैब
जंगल सफारी के दौरान कभी पेड़ की टहनियों से खेलते तो कभी तैरकर नहर को पार करते बाघों के दीदार ने सैलानियों को बार-बार आने पर मजबूर किया है। इसका नतीजा यह निकला कि इस पर्यटन सत्र में सैलानियों की संख्या 35 हजार से बढ़कर 53 हजार तक पहुंच गई। बता दें कि 15 जून से 15 नवंबर तक पर्यटन सत्र रहता है। 
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ - फोटो : अमर उजाला
कई बाघ बने रहते हैं खास
पर्यटन सत्र के दौरान जंगल में विचरण करने वाले कुछ बाघ खास बने रहते हैं। जिनका सैलानियों ने नामकरण भी किया है। इसमें सुल्तान बाघ का परिवार और त्रिशूल बाघ शामिल हैं। 

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पीलीभीत टाइगर रिजर्व - फोटो : अमर उजाला
जंगल से बाहर भी व्यापार को मिला बढ़ावा
पीटीआर के पर्यटन को बढ़ावा मिलने से जंगल से बाहर भी व्यापार को लाभ हुआ है। जहां पहले दो होम स्टे थे। वह यह संख्या बढ़कर छह पहुंच गए है। दो होम स्टे निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा भी कई लोगों ने होम स्टे बनाने के लिए जमीनों की खरीद-फरोख्त बढ़ा दी है। 
 
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चूका बीच में बनी हट ।
रोजगार के बढ़ाए अवसर
पीटीआर के पर्यटन की बुलंदियों ने रोजगार के अवसर भी प्रदान किए। सत्र के दौरान निजी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहता है। निजी जिप्सी वाहनों से सैलानियों को जंगल घुमाया जाता है। सैलानियों को जानकारी देने के लिए जंगल से सटे इलाकों के युवाओं को गाइडों की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। ऐसे में जिले के कई लोगों ने जिप्सी वाहनों को खरीदकर पर्यटन में लगाया है। जिससे वे लोग रोजगार से जुड़ गए हैं। बीते सत्र में जहां 50 जिप्सी वाहन थे, इस सत्र में संख्या 80 तक पहुंचने की उम्मीद है। 
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चूका बीच का भ्रमण करते ग्रीस से आए सैलानी। - फोटो : विभाग
189 विदेशी सैलानियों ने की सैर
पीटीआर की खूबसूरती ने पर्यटन के क्षेत्र में देश ही नहीं बल्कि विदेशों के सैलानियों को भी आकर्षित किया है। इसके चलते यहां 189 विदेशी सैलानी पीटीआर की खूबसूरती को निहारने पहुंचे। वहीं पिछले सत्र की बात करें तो यह संख्या सिर्फ 54 थी। इसमें जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका के सैलानी शामिल रहे।
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गोमती उद्गम स्थल
जंगल से बाहर पर्यटन को विकसित करने की कवायद जारी
जंगल के अलावा उसे सटे इलाके में पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास तेज किए गए हैं। इसमे पिपरिया संतोष गांव की सीमा में टेंट सिटी बनाने के प्रयासों को लेकर पूर्व में पर्यटन विभाग की टीम जमीन का निरीक्षण कर चुकी है। इसके अलावा गोमती उद्गम स्थल को भी पर्यटन के लिहाज से विकसित करने के प्रयास जारी हैं। 
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Pilibhit Tiger Reserve - फोटो : अमर उजाला
डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। चूका बीच के अलावा सप्तसरोवर को विकसित  किया गया है। कई अन्य योजनाओं पर भी मंथन किया जा रहा है। 
 
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