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बच्चो! कोई बैड टच करे तो जोर से चिल्लाना... मम्मी-पापा को बताना

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बरेली। बीबीएल पब्लिक स्कूल में मंगलवार को गुड टच और बैड टच के बारे में बच्चों को बताने के लिए कैंपेन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सीओ क्राइम डॉ. दीपशिखा ने बच्चों को गुड और बैड टच के बारे में बताया। कहा, अगर कोई बैड टच करे तो मदद के लिए जोर से चिल्लाना। अपने मम्मी-पापा को जरूर बताना। उन्होंने बच्चों को बताया कि किस तरह गुड और बैड टच को पहचाना जा सकता है।
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सीओ ने यह भी बताया कि किसी भी तरह की मुसीबत से बचने के लिए क्या करना चाहिए। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस कैंपेन में बच्चों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। सीसीओ से कई सवाल भी पूछे। इस दौरान प्रधानाचार्य डॉ. श्यामेश, संतोष शर्मा, बबिता अग्रवाल, प्रीति सिंह, लवली, श्वेता अग्रवाल आदि मौजूद रहीं।
यह होता है गुड टच
अगर आपकी मां आपको टच कर रही हैं, कपड़े पहना रही हैं या फिर नहलाते वक्त माता-पिता, दादी-नानी टच कर रही हैं तो यह गुड टच है। किसी दोस्त या रिश्तेदार न आपको प्यार से गले लगाया तो यह भी गुड टच है। मां का गाल या माथे पर किस करना भी गुड टच है।
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यह है बैड टच
कोई अपरिचित व्यक्ति आपको सीने पर, पैरों के बीच में और पीछे टच करे तो यह बैड टच कहलाता है। यहां तक की जबरदस्ती गोद में बैठाना, कपड़े निकाल देना, जबरदस्ती गाल छूना भी बैड टच होता है। जब कभी डॉक्टर भी बच्चों को इन जगहों पर टच करें तो माता-पिता की मौजूदगी में ही करें। हर वह टच बैड टच है, जो आपको अच्छा न लगे या आपकी मर्जी के बिना किया जाए।
बैड टच होने पर क्या करें
1. आप किसी भी जगह पर हों, सबसे पहले जोर से चिल्लाकर नो बोलिए।
2. किसी सुरक्षित जगह पर भाग कर जाएं।
3. आपने कुछ गलत नहीं किया है, लिहाजा डरें बिल्कुल नहीं।
4. किसी ऐसे व्यक्ति को बताइए जिस पर आपको भरोसा हो। वह आपके माता-पिता, दादा-दादी या टीचर हो सकते हैं।
5. यदि आपको लगे कि कोई आपकी बात नहीं समझ रहा है तो घबराएं नहीं 1098 पर कॉल करें। यह चाइल्ड लाइन का नंबर है। यह हेल्पलाइन बच्चों के लिए ही बनाई गई है।
6. इसे छिपाएं नहीं, बल्कि बताएं ताकि दूसरे बच्चों के साथ ऐसा न हो।
इन बातों से रहें हमेशा सावधान
कई बार अपराधी सीक्रेट गेम के बहाने बच्चों को बहलाकर ले जाते हैं। इसी तरह टॉफी या चॉकलेट आदि का लालच देकर बच्चों को ले जाते हैं, इसलिए आपको बिना माता-पिता को बताए किसी भी अंकल या आंटी के साथ सीक्रेट गेम खेलने या टॉफी-चॉकलेट लेने नहीं जाना है। कहीं भी जाने से पहले अपने मां-पापा को जरूर बताएं। स्कूल से भी कोई सीनियर कहीं और लेकर जा रहा हो तो न जाएं।
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अगर हमारे पास उस वक्त फोन न हो तो हम क्या करेंगे।
किसी से मदद मांगेंगे, जोर से नो कहकर चिल्लाएंगे या उस जगह से भाग जाएंगे। - शिवांश अग्रवाल
क्या 1098 पुलिस का नंबर है।
नहीं, यह चाइल्ड लाइन का नंबर है। इसे बच्चों की मदद करने के लिए ही बनाया गया है। - कीरत अरोरा
अगर बैड टच हो जाए तो क्या करें।
घबराएं नहीं। मां-पापा या टीचर को बताएं। इनमें से भी अगर कोई आपकी बात न सुने तो 1098 पर कॉल कर सकते हैं। - स्वेच्छा पाल
क्या बैड टच किसी के भी साथ हो सकता है।
हां, बैड टच किसी के भी साथ हो सकता है पर इससे बचना मुश्किल नहीं है, बल्कि बहुत आसान है। - सार्थक सक्सेना
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