रामनगर के रेवती और आसपास के गांवों में मिल रहे संदिग्ध लक्षण वाले मरीज
आंवला। बीते माह रामनगर के मनौना गांव में टायफाइड के मरीज मिले थे। अब रेवती व आसपास के गांवों में चिकनगुनिया के संदिग्ध लक्षण वाले मरीज मिले हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज को पहुंच रहे मरीजों की जांच की जा रही है। हालांकि अभी कोई पॉजिटिव नहीं मिला।
सीएचसी आंवला व पीएचसी रामनगर प्रभारी डाॅ. सुनील कुमार ने बताया कि रामनगर अस्पताल में शुक्रवार को इलाज के लिए पहुंचे बुखार के मरीजों में से दो में चिकनगुनिया के संदिग्ध लक्षण मिले। इनकी जांच कराई गई पर रिपोर्ट निगेटिव रही। इसमें बारीखेड़ा गांव के ब्रजकिशोर व एक छह साल की बच्ची सहारा में चिकनगुनिया के लक्षण रहे। मरीजों को दवा के साथ साफ-सफाई रखने, संतुलित आहार लेने को कहा है। गांव में शिविर लगाकर मरीजों की जांच और इलाज कराए जाने की बात कही है। इसके अलावा किशनपुर, गौटिया में भी बुखार के कई मरीज हैं। शनिवार को सरकारी अस्पताल आंवला में 215 व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर में 155 मरीज पहुंचे। ज्यादातर बुखार की चपेट में रहे। बीते दिनों रेलवे स्टेशन रोड स्थित कान्हा गोशाला में गोर्वधन पूजा में शामिल हुए पशुधन मंत्री ने भी एसडीएम को मरीजों के इलाज के लिए कहा है।
चिकनगुनिया के लक्षण
आईडीएसपी इंचार्ज डॉ. मीसम अब्बास के मुताबिक चिकनगुनिया का संक्रमण होने पर लक्षण करीब सप्ताह भर बाद उभरते हैं। तेज बुखार के साथ जोड़ों, मांसपेशियों, सिर में दर्द होता है। थकान का अहसास और चकत्ते पड़ते हैं। आंखों के पिछले हिस्से में दर्द और ठंड लगती है। संवाद