झांसा देकर मंगाए कागजात और ले लिया ऋण
सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर महिला ने उच्च शिक्षा के लिए संपर्क किया तो शातिरों ने उसकी निजी जानकारी लेकर उसके नाम पर ऋण ले लिया। महिला ने प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शास्त्री नगर टेलीफोन कॉलोनी निवासी मीनाक्षी सक्सेना ने एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर काउंसिल इंडिया सर्विस प्राइवेट लिमिटेड का विज्ञापन देखकर दिए गए नंबर पर संपर्क किया। कंपनी के एडवरटाइजिंग हेड शांतनु ने मास्टर कोर्स, इंटर्नशिप और क्लैप कोर्स कराने का झांसा दिया और 90 हजार रुपये फीस बताई। अंकुश शर्मा ने खुद को कंपनी का एडमिशन हेड बताकर आधार, पैन कार्ड आदि कागज मंगा लिए।
इसके बाद मोबाइल पर ओटीपी आया तो वह भी महिला से ले लिया। महिला से 3750 रुपये भी ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। बाद में पता चला कि शातिरों ने महिला के कागजों पर 86 हजार रुपये का ऋण ले लिया। कंपनी के सीईओ शिवम दीक्षित से शिकायत की तो उसने भी धमकी दी। प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
खाते में छोड़े दो सौ रुपये
घटनाक्रम की शिकायत के बाद ही साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी। इंस्पेक्टर अनिल यादव ने उस खाते की डिटेल निकलवाई जिसमें गेंदनलाल के खाते से रकम भेजी गई थी। पता लगा कि खाते में केवल दो सौ रुपये ही हैं। खाता इफको से मिलते-जुलते नाम से ही बनाया गया था ताकि रकम डालते समय कोई शक न करे।
ये बरतें सावधानी
- किसी को आधार कार्ड या पैनकार्ड न भेजें।
- किसी नए लिंक पर क्लिक न करें, आपकी निजी जानकारी ठगों को मिल सकती है।
- किसी योजना, ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं।
- किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
- फिजूल के एप डाउनलोड करने से बचें।
- ठगी होते ही 1930 टोल फ्री नंबर पर कॉल करें।
- सोशल मीडिया अकाउंट पर प्राइवेसी लगाकर रखें।
- ठगी का पता चलते ही cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।