प्रयागराज में उमेश पाल की हत्या के बाद पता लगा कि साजिश बरेली जेल में रची गई थी। सद्दाम ने ही लल्ला गद्दी व अन्य के सहयोग से शूटरों को अशरफ से मिलवाने की व्यवस्था की थी। सात मार्च को बिथरी चैनपुर थाने में इन्हीं अवैध मुलाकातों को लेकर अशरफ, सद्दाम, लल्ला गद्दी, सैदपुर कुर्मियान निवासी दयाराम उर्फ नन्हे, बंदी रक्षक शिवहरि अवस्थी को नामजद कर कई अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
28 सितंबर को बरेली एसटीएफ ने सद्दाम को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। उसे बरेली जेल में रखा गया। यहां उसने तन्हाई बैरक में रहने से इन्कार कर दिया। जेल प्रशासन की रिपोर्ट पर उसे बदायूं जेल में शिफ्ट कर दिया गया। सीओ तृतीय अनीता चौहान ने सद्दाम के खिलाफ चार्जशीट लगा दी है। परीक्षण के बाद इसे कोर्ट भेजने की तैयारी है।
सद्दाम के दोस्त भी रडार पर
अब सद्दाम के करीबी पुलिस के रडार पर हैं। इनमें बरातघर मालिक से लेकर शहर के मोबाइल फोन व्यवसायी तक शामिल हैं। फहम लॉन के मोहम्मद आरिफ और उसके बेटे व मैनेजर के खिलाफ सद्दाम से करीबी और रंगदारी के मुकदमे की विवेचना अब इंस्पेक्टर क्राइम को दी गई है। वादी सुभाषनगर निवासी काशीनाथ ने अधिकारियों को बताया कि वह अनुसूचित जाति के हैं। इस लिहाज से मामले में एससीएसटी एक्ट की धाराएं भी बढ़ सकती हैं।
सद्दाम के खिलाफ चार्जशीट लगा दी गई है। जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था, उन्हीं में चार्जशीट लगाई गई है। गुड्डू बमबाज, अरमान समेत पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ विवेचना जारी रहेगी। इनमें से एक नैनी जेल में बंद है, उसे रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है। - अनीता चौहान, सीओ तृतीय