परीक्षा परिणाम आने की खुशी मनाते छात्र-छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
सीबीएसई से संबद्ध जिले के 45 स्कूलों में सम्मिलित हुए थे सात हजार विद्यार्थी
बरेली। सीबीएसई के इंटरमीडिएट का लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को रिजल्ट जारी हुआ तो विद्यार्थी खुशी से झूम उठे। सीबीएसई ने इस बार मेरिट लिस्ट तो जारी नहीं की लेकिन जिले में रिजल्ट लगभग शत-प्रतिशत रहा। रिजल्ट जारी होने के बाद तमाम विद्यार्थियों ने अपने स्कूल पहुंचकर दोस्तों और शिक्षकों के साथ कामयाबी का जश्न मनाया। हालांकि कई स्कूलों के गेट पर ताला लटका देखकर विद्यार्थियों को मायूस होकर लौटना भी पड़ा। परीक्षाएं न होने की वजह से सीबीएसई इंटरमीडिएट के रिजल्ट को लेकर विद्यार्थियों में काफी आशंकाएं थीं लेकिन दोपहर करीब दो बजे रिजल्ट जारी होने के बाद उनके चेहरे खिल गए। जिले के 45 स्कूलों में करीब सात हजार बच्चे परीक्षा में बैठे थे। शत-प्रतिशत रिजल्ट होने की वजह से सभी विद्यार्थियों ने खुशियां साझा कीं। कई स्कूलों ने रिजल्ट आने से पहले ही विद्यार्थियों को स्कूल आने की मनाही कर दी थी। इन स्कूलों के गेट पर शुक्रवार को दिन भर ताला लटका रहा लेकिन कुछ स्कूल खुले थे जहां विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के साथ कामयाबी का जश्न मनाया। हालांकि इन स्कूलों में भी बच्चों को ज्यादा देर नहीं रुकने दिया गया और जल्द ही घर लौटा दिया गया।
कुछ स्कूलों का रिजल्ट रुका जल्द जारी होने की उम्मीद
बरेली। सीबीएसई ने शहर के कुछ स्कूलों का परीक्षा परिणाम शुक्रवार को घोषित नहीं किया। सीबीएसई के सिटी कोऑर्डिनेटर वीके मिश्रा का कहना है कि कुछ कारणों से परिणाम रोकना पड़ा है लेकिन विद्यार्थियों को घबराने की जरूरत नहीं है। जल्द ही बाकी स्कूलों के भी परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
सिटी कोऑर्डिनेटर ने बताया कि जिले में सीबीएसई से संबद्ध 45 स्कूल हैं। सभी स्कूलों का परिणाम लगभग शत-प्रतिशत रहा है। रिजल्ट पिछले तीन साल के परिणाम को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं। उन्हाेंने कहा कि स्कूलों में टॉपर लिस्ट का कोई खास मतलब नहीं है क्योंकि परिणाम स्कूल के आधार पर बने हैं, बच्चों के आधार पर नहीं। उन्हाेंने कहा कि हो सकता है कि कुछ बच्चे अपने परीक्षा परिणाम से संतुष्ट न हो लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि स्कूल की उसमें कोई भूमिका है। इस वर्ष स्कूलों ने जरूर रिजल्ट तैयार किया है लेकिन विद्यार्थियों के पिछले वर्षों के प्रदर्शन के आधार पर ही रिजल्ट बना है।
परिणाम से खुश न हों तो भर सकते हैं इम्प्रूवमेंट फार्म
सीबीएसई के सिटी कोऑर्डिनेटर ने कहा कि संभव है कि कुछ बच्चे परिणाम से खुश न हों, ऐसे बच्चे अपने परीक्षा परिणाम को इम्प्रूव करने के लिए इम्प्रूवमेंट फार्म भर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ स्कूलों का रिजल्ट शुक्रवार को जारी नहीं हो पाया है, इसमें स्कूलों की कोई कमी नहीं है। इन स्कूलों के परिणामों का अभी अध्ययन किया जाना है ताकि स्कूल और बच्चों का कोई नुकसान न हो। जल्द ही रुके हुए परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
यह परिणाम बच्चों के लिए एक पड़ाव से ज्यादा कुछ नहीं है। लिहाजा किसी विद्यार्थी को किसी भी तरह हताश होने की जरूरत नहीं है। बेहतर ढंग से उन्हें सफ लता का आगे का रास्ता अच्छे से तय करने की तैयारी करनी चाहिए। - वीके मिश्रा, सिटी कोऑर्डिनेटर सीबीएसई