बरेली। एनएच-74 के चौड़ीकरण में अधिगृहीत हुए प्लॉट का मुआवजा नौ साल बाद भी न मिलने पर स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने तत्कालीन और वर्तमान विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलएओ) पर 46.62 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगा वाद दायर किया है।
बताया कि दोनों अधिकारी उन्हें लंबे समय से किसी न किसी बहाने से टरका दे रहे हैं, जबकि एनएचएआई रुद्रपुर की ओर से बताया गया है कि मुआवजा 2015 में ही जारी हो चुका है। मामले में सुनवाई 24 दिसंबर को होनी है।
तहसील बहेड़ी के ग्राम सिरसा निवासी वादी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी मां सरला देवी व भाई यक्षेंद्र सिंह का 0.1050 हेक्टेयर का आवासीय प्लॉट एनएच 74 के चौड़ीकरण के लिए वर्ष 2013 में अधिगृहीत किया गया था।
मुआवजे की कुल धनराशि 46.62 लाख रुपये निर्धारित हुई थी। अधिग्रहण के बाद मुआवजे के लिए तत्कालीन एसएलएओ मदन कुमार, लिपिक अनिल तिवारी व डम्मर सिंह को अवगत कराया जाता रहा। मदन कुमार की ओर से भुगतान एनएचएआई रुद्रपुर की ओर से होना बताया गया। जून 2022 में एसएलएओ कार्यालय में वादी की मां सरला देवी को मुआवजे के भुगतान के लिए हस्ताक्षर करने के लिए बुलाया गया। इसी दौरान बैंक खाता संबंधी दस्तावेज भी जमा हुए।
इसके लिए 30 अगस्त 2022 तक समय दिया गया। कई दिन बाद भी मुआवजा धनराशि न आने पर जब कार्यालय में जानकारी ली, तो बताया गया कि अमर सिंह पुत्र डबल सिंह की ओर से भुगतान रोकने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया है। अमर सिंह ने बैनामा संबंधी दस्तावेज भी संलग्न किए हैं। इसके चलते एनएचएआई ने भुगतान रोक दिया है। इसके बाद एनएचएआई रुद्रपुर में संपर्क किया गया तो वहां से मिले पत्र से पता चला कि वर्ष 2015 में ही मुआवजा जारी हो चुका है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सोमवार को वाद दर्ज कर लिया है। संवाद