बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण (डीएसडब्ल्यू) प्रो. पीबी सिंह पर एक छात्र ने करीबी कर्मचारियों को टॉपर बनाने का आरोप लगाया है। उन पर पूर्व में भी इसी तरह से अपने कर्मचारियों को मेधावी बनाकर दीक्षांत समारोह में सम्मानित करने का आरोप भी लगाया है। आईजीआरएस पर उच्च शिक्षा विभाग से की गई शिकायत में शिकायतकर्ता ने कहा कि हाल में हुए 22वें दीक्षांत समारोह में मेधावियों को सर्वाधिक अंक हासिल करने पर स्वर्ण पदक प्रदान किए गए थे, इसमें विवि के दो कर्मचारियों को भी शामिल किया गया। आरोप है कि इनकी तैनाती उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन वाले स्थान पर लगाई जाती है। ऐसे में इसमें गड़बड़ी की प्रबल संभावना है।
दोनों कर्मचारी प्रो. पीबी सिंह के अधीन कार्य करते हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इससे पूर्व वर्ष 2019 में भी प्रो. पीबी ने परीक्षा केंद्र का समन्वयक रहते हुए अपने कार्यालय के ही कर्मचारियों को टॉपर बनाया है।
मामले में प्रो. पीबी सिंह का कहना है कि दो में से एक कर्मचारी मेरे अधीन कार्य नहीं करता है। सभी आरोप निराधार है। कोई भी विद्यार्थी अपनी काबिलियत के आधार पर टॉपर बनता है। कार्यालय में पारदर्शिता के साथ काम हो रहा है। इसकी जांच भी हो चुकी है।
मेरे विरुद्ध षडयंत्र कर छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। विवि के मीडिया प्रभारी प्रो. अमित सिंह ने कहा कि मूल्यांकन केंद्र की जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि वहां संबंधित टॉपरों की कॉपियां नहीं जांची गई हैं। रिपोर्ट शासन को भेजी है। संवाद