सपा-बसपा के झंडे तले 29 साल से कर रहे सियासत
मुस्लिम खां पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने सियासत की शुरुआत समाजवादी पार्टी से की। वह क्षेत्रीय नेता और पूर्व मंत्री बनवारी सिंह यादव के करीबी हुआ करते थे लेकिन 1996 में पूर्व मंत्री और बसपा नेता रहे भगवान सिंह शाक्य के साथ जुड़ गए। साल 2002 में पहली बार शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र से बसपा के टिकट पर चुना लड़े, लेकिन जीत नहीं पाए।
वह 2007 में फिर लड़े और जीत गए। 2012 तक विधायक रहे। साल 2012 में बसपा ने टिकट नहीं दिया तो निर्दलीय लड़े लेकिन हार गए। साल 2017 में चुनाव नहीं लड़े। साल 2022 में बसपा से शेखूपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़े। तब तीसरा स्थान रहा और 36,000 मत पाए। अब वह लोकसभा के लिए पहली बार चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। उनका कहना है कि लोगों के साथ मजबूत जुड़ाव उनकी जीत का आधार बनेगा।
साल 2014 में भी बसपा नेतृत्व ने उन्हें लोकसभा का उम्मीदवार बना दिया था लेकिन सेहत की दिक्कत थी और आपरेशन कराना पड़ा। चुनाव नहीं लड़ सके थे। तब दूसरा उम्मीदवार बनाया गया था। अब फिर से बसपा सुप्रीमो ने उन्हें टिकट दिया है।