आंवला की सांसद रहीं मेनका गांधी की निधि से साल 2012 में बनाई गई सीसी रोड तीन साल भी नहीं चल सकी। शिकायत के बाद डीएम ने अफसरों को भेजकर उसकी जांच कराई तो सीसी रोड का क्रास टूटा पाया। इस सड़क का निर्माण आरईएस यानी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने कराया था। डीएम ने आरईएस के एक्सईएन को नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगा है और सड़क की तकनीकी जांच के आदेश भी दिए हैं।
इस सीसी रोड का निर्माण आलमपुर जाफराबाद ब्लाक के डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम कीरतपुर में कराया गया था। इसके लिए तत्कालीन सांसद मेनका गांधी ने डीआरडीए के माध्यम से आरईएस को पैसा जारी किया था। ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की थी कि सीसी रोड और इसके पास बनी नाली का क्रास टूट गया है। डीएम ने विकास विभाग के अफसरों से मौका मुआयना करके इसकी जांच के आदेश दिए थे। अफसरों ने सीसी रोड टूटी होने की पुष्टि की। इस पर डीएम ने आरईएस के एक्सईएन को नोटिस जारी किया है और सप्ताह भर में टूटी सड़क तथा नाली की मरम्मत कराने के साथ ही उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा है। इसके साथ ही इस सड़क निर्माण की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने के आदेश दिए हैं। सड़क की गुणवत्ता को लेकर आरईएस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।