बरेली। सिंघाई मुरावान और गुलरिया के बीच बहगुल नदी पर ऊंचे पुल का निर्माण दो विभागों के फेर में उलझ गया है। डोहरा रोड से केसरपुर जाने वाले इस मार्ग पर पुल की मांग कर रहे ग्रामीणों को अब करीब एक साल और इंतजार करना पड़ सकता है।
बहगुल नदी पर बना रपटा बारिश के दौरान पानी में डूब जाता है, जिससे मार्ग को रस्सी और पेड़ डालकर बंद करना पड़ता है। ग्रामीण लंबे समय से इस रपटे को ऊंचे पुल में बदलने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कई बार प्रदर्शन किए और ज्ञापन भी सौंपे, लेकिन उनकी मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है। यह मार्ग प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत आता है।
पीएमजीएसवाई के अनुसार, पुल निर्माण की परियोजना तैयार करने और उसे बनाने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की है। वहीं, पीडब्ल्यूडी का कहना है कि जब पीएमजीएसवाई इस रास्ते को विभाग को सौंप देगा, तभी पुल निर्माण पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मार्ग पर पीएमजीएसवाई का कार्यकाल जुलाई 2027 में पूरा होगा। इसके बाद ही यह रास्ता पीडब्ल्यूडी को सौंपा जाएगा, जिससे पुल निर्माण में देरी हो रही है।
वर्जन-
पीएमजीएसवाई इस पूरी सड़क की देखभाल करता है। जिसके कारण हम यहां निर्माण नहीं कर सकते हैं। पुल निर्माण को लेकर प्रस्ताव कार्ययोजना में शामिल है। जब सड़क हमें हस्तांतरित कर दी जाएगी, उसके बाद प्रस्ताव को मुख्यालय भेजकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान किया जाएगा। -भगत सिंह, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग
जुलाई 2027 में इस रास्ते को लोक निर्माण विभाग को सौंपा जाएगा। मार्ग पर पुल निर्माण की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के ऊपर है। जब रास्ते को हस्तांतरित किया जाएगा उसके बाद विभाग पुल निर्माण को लेकर आगे की कार्रवाई करेगा। -अमित राठौर, सहायक अभियंता, पीएमजीएसवाई