आंवला। पुरैना धाम मंदिर के पास स्थित नाले में डूबे मोहल्ला बजरिया के हसनैन (32) का शव 20 घंटे की मंगलवार दोपहर मिला। वह सोमवार देर शाम तेज बारिश में नाले में डूब गया था। नगर पालिका, प्रशासन और दमकल की टीमें युवक की तलाश में जुटी थीं।
भाई के मुताबिक, हसनैन शाम को दुकान से सामान खरीदने गए थे लेकिन लौटे नहीं। प्रत्यक्षदर्शी अनमोल गुप्ता और गोपाल ने बताया कि उन्होंने आंवला-भमोरा मार्ग पर पुरैना धाम मंदिर के पास हसनैन को नाले में गिरते देखा। बचाने का प्रयास भी किया। घटना की सूचना पालिका और प्रशासन को दी। इसके बाद दोनों की टीमें डूबे युवक की तलाश में जुट गईं। पालिका कर्मचारी और पीएसी के सिपाहियों ने आसपुर गांव तक नाले में खोजबीन की। सीओ हेमंत उपाध्याय ने भी मौका मुआयना किया। घटना स्थल से कुछ आगे मंगलवार दोपहर 3:00 बजे मंडी गेट के सामने नाले में हसनैन का शव उतराता मिला। नपा कर्मचारियों से शव को बाहर निकाला।
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नगर पालिका, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें लगातार तलाश कर रही थीं। घटनास्थल के कुछ दूर मंगलवार को शव मिला। हसनैन, पालिका अध्यक्ष के मोहल्ले का ही निवासी था। उसकी शादी नहीं हुई थी। कबाड़ खरीदने बेचने का काम करता था। - सुशील मिश्रा, एसडीएम
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खुले नालों से खतरा बरकरार, 20 दिन में दूसरी मौत
कस्बे में खुले नालों से हादसों का खतरा बरकरार है। हाल में, दिव्यांग प्रीत (7) की नाले में डूबने मौत हो गई थी। उसका शव 47-48 घंटे के बचाव अभियान के बाद 30 जुलाई को मिला था। तब मंत्री धर्मपाल सिंह ने पालिका प्रशासन को फटकार लगाई थी। उन्होंने खुले नालों को जाल से ढकने के निर्देश दिए थे। नाले न ढकने के कारण 20 दिन में दूसरी मौत हो गई। पुरैना मंदिर के पास के दुकानदारों ने बताया कि नाले गंदगी से पटे हैं। मामूली बारिश से ही उफनाजाते हैं। गंदा पानी मंडी परिसर में घुस जाता है।
इस बाबत नपा अध्यक्ष आबिद अली ने बताया कि महादेवपुरम सहित अन्य इलाकों में नालों को ढका जाएगा। अन्य स्थानों के लिए निविदाएं निकाली जा चुकी हैं। इसका कार्य जारी है।