बरेली। नियमों की पाबंदी है कि रात 11 बजे शहर के ज्यादातर पेट्रोल पंप बंद हो जाते हैं लेकिन यह अलग बात है कि इनमें से कई पेट्रोल पंप पर रात भर पेट्रोल उपलब्ध रहता है, बस उसकी कीमत और बढ़ जाती है। जरूरतमंदों को रात के अंधेरे में खुला पेट्रोल 120 रुपये लीटर या उससे भी ज्यादा कीमत में मिलता है। पेट्रोल की ब्लैक का यह खेल कई पेट्रोल पंपों पर चल रहा है लेकिन जिम्मेदार अफसर इससे बेखबर हैं।
आपूर्ति विभाग ने शहर में अधिकतर पेट्रोल पंपों को रात 11 बजे पेट्रोल सेल करने की अनुमति दे रखी है। गिने-चुने ही पेट्रोल पंप ऐसे हैं जिनके पास रात भर पेट्रोल बेचने की परमीशन है। शहर के बीच आईओसी के पेट्रोल पंप के अलावा ऐसे बाकी सभी पंप बाहरी इलाकों में है। जो पेट्रोल पंप रात को 11 बजे बंद हो जाते हैं, उनकी मशीनें तो लॉक रहती हैं लेकिन इनमें से कई पर खुला पेट्रोल जरूरतमंदों के लिए ब्लैक में रात भर उपलब्ध रहता है।
इस संबंध में एक शिकायत के बाद अमर उजाला की टीम मालियों की पुलिया पर एक पेट्रोल पंप पर रविवार रात करीब 12 बजे वास्तविकता पता लगाने पहुंची। यहां मौजूद कर्मचारियों से बाइक में पेट्रोल डालने को कहा तो कुछ नानुकूर के बाद वे यह कहते हुए पेट्रोल देने को तैयार हो गए कि कुछ महंगा मिलेगा। पचास रुपये का पेट्रोल डालने को कहा तो एक कर्मचारी ने ड्रम से पेट्रोल निकालकर चार सौ मिलीलीटर कीप लगाकर बाइक में डाल दिया।
प्लास्टिक बोतल में भी पेट्रोल देने से इनकार नहीं
विस्फोटक निवारण अधिनियम के अनुसार प्लास्टिक की बोतल में पेट्रोल देने पर प्रतिबंध है और इसका उल्लंघन करने पर जुर्माने से लेकर लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई का प्रावधान है लेकिन इसके बावजूद पेट्रोल पंपों ने इस नियम को भी ताक पर रख दिया है। टीम ने पहले प्रभा टाकीज के सामने एक पेट्रोल पंप पर रात में बोतल में पेट्रोल देने की मांग की तो बगैर आपत्ति जताए बोतल में तेल भर दिया गया। इसी तरह डेलापीर मंडी के पास दूसरे पेट्रोल पंप पर भी बोतल में पेट्रोल देने से इनकार नहीं किया गया।
बरेली में दंगे होने के बाद से हुई थी सख्ती
पेट्रालियम अधिनियम 2002 की धारा 8 के तहत कांच या स्टोनवेयर की बोतल में अधिकतम एक लीटर और किसी कठोर धातु से बने डिब्बे में ही 25 लीटर तक पेट्रोल दिया जा सकता है। सुरक्षा कारणों से प्लास्टिक की बोतलों में पेट्रोल ले जाने की अनुमति नही है। दरअसल प्लास्टिक की बोतल रखे पेट्रोल में आसानी से आग लगने का खतरा होता है। बरेली में 2010 के दंगों में हुई आगजनी की घटनाओं के बाद काफी सख्ती दिखाई गई थी लेकिन पेट्रोल पंप मालिक अब फिर यह नियम भूल गए हैं।
मशीनों के अलावा खुला पेट्रोल देने वाले पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई होनी चाहिए। प्लास्टिक की बोतलों में भी पेट्रोल देना नियमों के विरुद्ध है और इनके खिलाफ प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। - अशोक गुप्ता, अध्यक्ष बरेली पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन
जिन पेट्रोल पंपों पर मशीन बंद होने के बाद खुला पेट्रोल मिल रहा है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्लास्टिक की बोतल में विस्फोटक सामग्री भी देना नियमों के विरुद्ध है। ऐसे पंप वालों को चिह्नित कर उनसे जुर्माना वसूलने के साथ कारवाई की जाएगी। - नीरज सिंह, डीएसओ