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लोकसभा चुनाव 2024: भाजपा ने आंवला सीट से धर्मेंद्र पर तीसरी बार जताया भरोसा, बरेली में उम्र पर फंसा पेंच

Sat, 02 Mar 2024 09:13 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

भाजपा ने सांसद धर्मेंद कश्यप पर एक बार फिर भरोसा जताया है। उन्हें आंवला संसदीय क्षेत्र से टिकट दिया है। 2009 से इस लोकसभा सीट पर भाजपा का कब्जा है। 2009 में मेनका गांधी ने यहां से चुनाव जीता था। इसके बाद धर्मेंद्र कश्यप लगातार दो बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। अब तीसरी बार वह चुनाव लड़ेंगे।  
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आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भाजपा ने आंवला में तीसरी बार धर्मेंद्र कश्यप पर भरोसा जताया है। 2014 और 2019 के चुनाव में वह इसी सीट से जीत हासिल कर चुके हैं। इस बार तीसरी बार मैदान में होंगे। वहीं बरेली सीट का पेंच फिलहाल उम्र में फंसा माना जा रहा है। यहां से मौजूदा सांसद संतोष गंगवार प्रमुख दावेदारों में तो हैं, मगर इस सीट पर अभी मंथन के बाद ही नतीजा निकलेगा।

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भाजपा के 75 प्लस फार्मूले के चलते बरेली सीट को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में चर्चाएं तो पहले से ही हो रही थी। कहा जा रहा था कि पार्टी अगर इसी फार्मूले पर रही तो प्रत्याशी बदल भी सकती है। इन बातों को तीन साल पहले 2021 में उस समय और हवा मिल गई थी कि जब संतोष गंगवार का श्रम एवं रोजगार मंत्रालय गया। अब शनिवार को जारी हुई भाजपा की पहली सूची में बरेली पर स्थिति साफ नहीं होने से इन चर्चाओं को और बल मिल गया है। 

बरेली से ये नेता भी कर रहे दावेदारी 
इधर भाजपा में प्रदेश सह संयोजक शिक्षा प्रकोष्ठ हरिशंकर गंगवार और जिला चिकित्सा प्रकोष्ठ संयोजक विजय गंगवार ने भी दावेदारी की है। चर्चा में मेयर उमेश गौतम का नाम भी है, मगर उनके खेमे से इस पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है। करीब दो महीने पहले पूर्व विधायक राजेश मिश्रा पप्पू भरतौल ने भी शहर में होर्डिंग लगवाए थे। इससे माना जा रहा है कि वह भी बरेली लोकसभा सीट पर दावेदारी कर रहे हैं।

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इन सबके इतर राजनीतिक पंडितों का अभी भी मानना है कि बरेली सीट पर फिलहाल संतोष गंगवार की ही स्थिति मजबूत है। हो सकता है कि घोषणा में कुछ देरी हो जाए मगर पार्टी यहां उन्हें फिर एक बार मैदान में उतार सकती है। वहीं यह भी मान रहे हैं कि कुर्मी बिरादरी से ही पार्टी एक जनप्रतिनिधि के संपर्क में हैं और उन्हें बरेली सीट से चुनाव लड़ा सकती है। 

ऐसे में करीब तीन दशक बाद बरेली सीट पर समीकरण बदले हुए दिखाई दे सकते हैं। टिकट की घोषणा न होने पर सांसद संतोष गंगवार का कहना है कि उन्हें पार्टी पर पूरा भरोसा है। कहा कि सिर्फ बरेली की ही बात क्यों अभी तो बदायूं और पीलीभीत पर प्रत्याशी की घोषणा नहीं हुई है।

2002 में पहली बार विधायक बने थे, धर्मेंद्र कश्यप
भाजपा के आंवला प्रत्याशी धर्मेंद्र कश्यप 2002 में बसपा की टिकट पर पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद वह सपा में गए और 2007 में सपा से विधायक बने। 2009 में लोकसभा चुनाव लड़ मगर भाजपा की मेनका गांधी ने उन्हें हरा दिया और 2013 में धर्मेंद्र कश्यप भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ने उन्हें 2014 में टिकट दे दी और वह चुनाव जीत गए। 2019 में भी उन्होंने इस सीट से जीत हासिल की।
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आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा व शीर्ष नेतृत्व का आभार।

बरेली के सांसद संतोष गंगवार ने कहा कि सिर्फ बरेली ही नहीं, अभी तो बदायूं और पीलीभीत पर भी घोषणा होना बाकी है। मुझे पार्टी पर पूरा भरोसा है। पार्टी जो करेगी सही करेगी।
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