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भाजपा छोड़ने वाले योगेश पटेल के बरातघर का बीडीए ने बजाया बैंड

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बरेली। हाल ही में विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट न मिलने पर भाजपा छोड़कर बसपा से चुनाव लड़ने वाले भोजीपुरा के ब्लॉक प्रमुख योगेश पटेल के स्टेडियम रोड स्थित बरातघर पर मंगलवार को बीडीए ने बुलडोजर चला दिया। बीडीए ने बरातघर का अगला हिस्सा ढहा दिया। योगेश को बतौर शमन शुल्क 50 लाख हाथ के हाथ जमा करने पड़े तब कहीं बरातघर का पिछला हिस्सा बचा।
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बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह के मुताबिक बरातघर बगैर नक्शा स्वीकृत कराए अवैध ढंग से बनाया गया था। इस पर जनवरी 2021 से ही योगेश पटेल को लगातार नोटिस जारी किए जा रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने नक्शा स्वीकृत नहीं कराया तो जनवरी 2022 में उनके अवैध बरातघर को गिराने का आदेश जारी कर दिया गया। यह आदेश जारी होने के बाद योगेश पटेल की ओर से एक प्रार्थना पत्र दिया गया कि इस मामले में उन्होंने मंडलायुक्त के कोर्ट में अपील की है।
योगेश के इस प्रार्थनापत्र पर बीडीए ने अपनी कार्रवाई रोककर उनसे मंडलायुक्त कोर्ट में की गई अपील का नंबर और उसका विवरण मांगा लेकिन उन्होंने कोई ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया। इसके बाद मंगलवार को उनका बरातघर गिराने की कार्रवाई की गई। बीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि योगेश पटेल ने कंपाउंडिंग कराने के लिए 50 लाख रुपये कर दिए है, इसलिए कार्रवाई को फिलहाल रोक दिया गया है।
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योगेश बगावत न करते तो
नहीं हारते बहोरन लाल
एमएलसी चुनाव में बैकफुट पर आए पर नहीं निकला नतीजा
प्रमुखी भी खतरे में
योगेश की बगावत का खामियाजा भाजपा को भोजीपुरा की सीट गंवाकर उठाना पड़ा। दरअसल योगेश पटेल भाजपा के समर्थन से ही भोजीपुरा के ब्लॉक प्रमुख बने थे। विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा विधायक बहोरन लाल मौर्य के मुकाबले भोजीपुरा से टिकट मांगा था लेकिन पार्टी हाईकमान ने बहोरन लाल मौर्य को ही चुनाव लड़ाया। योगेश पटेल ने इस पर बगावत कर दी और भाजपा छोड़कर बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े। योगेश पटेल खुद तो चुनाव नहीं जीत पाए लेकिन बहोरन लाल की हार का भी प्रमुख कारण बन गए। भोजीपुरा सीट भाजपा से छिन गई और उस पर सपा के शहजिल इस्लाम का कब्जा हो गया।
संभवत: योगेश पटेल को भी अंदाजा था कि उनकी बगावत के बाद क्या नतीजा हो सकता है लिहाजा उन्होंने एमएलसी चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी के समर्थन का एलान कर दिया। सोमवार को ही उन्होंने भोजीपुरा क्षेत्र के ग्राम प्रधानों और बीडीसी सदस्यों की बैठक कर उनसे भाजपा के प्रत्याशी को जिताने की अपील की थी लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। उनके बरातघर पर बुलडोजर चल ही गया। राजनीतिक हलकों में योगेश पटेल का प्रमुख पद भी खतरे में बताया जा रहा है।
एक और बरातघर को नोटिस
बीडीए की ओर से योगेश पटेल को संजय नगर रोड स्थित एक और बरातघर पर नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा कुछ भवन और एक कॉलोनी के नाम नोटिस जारी कर मानचित्र उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
नियमों के तहत कार्रवाई : उपाध्यक्ष
बीडीए ने 25 जनवरी 2021 को ही पहला नोटिस जारी कर मानचित्र मांगा था। उसके बाद अलग-अलग अंतराल पर कई नोटिस जारी किए गए। 25 मार्च 2021 को योगेश पटेल ने नोटिस के जवाब में कहा कि उनके पिता बीमार हैं। उनका इलाज चल रहा है इसलिए वह अभी मानचित्र नहीं उपलब्ध करा सकते। इसके बाद अप्रैल, जून, जुलाई, सितंबर और दिसंबर में जारी नोटिस का जवाब नहीं मिला तो एक जनवरी 2022 को ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया गया था। योगेश पटेल ने बताया कि वह मंडलायुक्त के यहां अपील कर चुके हैं लेकिन अपील के कागज नहीं दिखा सके। - जोगिंदर सिंह, उपाध्यक्ष बरेली विकास प्राधिकरण
25 जनवरी 2021 को जारी हुआ पहला नोटिस
बरेली विकास प्राधिकरण अधिशासी अभियंता आशु मित्तल ने बताया कि बारातघर संचालक से तमाम दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए 25 जनवरी 2021 को जारी किया था। प्रकरण में सुनवाई के लिए तीन अलग अलग तारीख दी गई। इन तारीख पर संचालक की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। फि र दस मार्च 2021 को फि र नोटिस दिया गया। जिसका जवाब भी बरातघर संचालक की ओर से नहीं मिला। 20 मार्च 2021 को अंतिम नोटिस दिया गया। 25 मार्च 2021 को संचालक के अधिवक्ता ने अपना आपत्ति पत्र दिया। जिसमें लिखा था कि संचालक के पिता बीमार हैं और लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में इलाज करा रहे हैं। जिस कारण बारातघर के मानचित्र दे नहीं पा रहे हैं। इसके बाद प्राधिकरण ने 16 अप्रैल 2021, 30 जून, 24 जुलाई, सात सितंबर, 14 दिसंबर और 30 दिसंबर 2021 नोटिस जारी किया गया। इस पर भी उनकी कोई से कोई जवाब नहीं दिया गया। इस पर बीडीए की ओर से एक जनवरी 2022 को ध्वस्तीकरण का आदेश जारी करते हुए कहा कि 16 दिन का समय बीडीए की ओर से दिया जा रहा है अवैध निर्माण को खुद ही तोड़ ले नहीं तो बीडीए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।
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