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UP News: अशरफ का साला एक लाख का इनामी सद्दाम गिरफ्तार, दिल्ली में प्रेमिका के पास जाते वक्त पकड़ा गया

Thu, 28 Sep 2023 12:31 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

Bareilly News: बरेली जिला जेल में माफिया अशरफ से अवैध मुलाकात कराने और सहूलियत पहुंचाने के मामले में सद्दाम के खिलाफ बिथरी चैनपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। तब से एसटीएफ उसकी तलाश में जुटी थी। कई महीनों बाद एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। 
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माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ का साला सद्दाम गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली जिला जेल में बंद माफिया अशरफ के साले एक लाख रुपये के इनामी सद्दाम को एसटीएफ बरेली यूनिट ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से दो महंगे मोबाइल फोन और यूपी नंबर की कार बरामद की गई। उसे बिथरी चैनपुर थाना लाया गया, जहां सद्दाम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। संयुक्त टीम उससे पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि अतीक-अशरफ से जुड़े कई राज खुल सकते हैं।

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उमेश पाल की हत्या के बाद से प्रयागराज के पुरामुफ्ती थाना अंतर्गत गांव हटवा उपरहार निवासी अब्दुल समद उर्फ सद्दाम फरार चल रहा था। यूपी एसटीएफ व पुलिस की कई टीमें उसे तलाश रही थीं। एसटीएफ बरेली यूनिट के डीएसपी अब्दुल कादिर के नेतृत्व में टीम ने इनपुट जुटाकर दिल्ली में डेरा डाल रखा था।

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टीम ने बुधवार रात दो बजे सद्दाम को दिल्ली मालवीय नगर में सिटी वॉक मॉल के पीछे डीडीए फ्लैट्स के पास से गिरफ्तार कर लिया। उस समय वह प्रेमिका से मिलने जा रहा था। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सद्दाम को बिथरी थाने लाया गया। सद्दाम के खिलाफ छह मुकदमे हैं। इसमें प्रयागराज के धूमनगंज थाने में ही चार मुकदमे दर्ज हैं।

बरेली के एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि सद्दाम की गिरफ्तारी बड़ी उपलब्धि है। उससे पूछताछ में जो जानकारियां मिलेंगी, उनका उपयोग दूसरे मामलों के निस्तारण में किया जाएगा।

जेल में रची थी उमेश पाल हत्याकांड की साजिश 
माफिया अशरफ का साला सद्दाम तीन साल से बरेली में ही किराये पर रह रहा था। वह प्रयागराज के रसूखदारों, शूटरों व अन्य जगह से आए लोगों की अशरफ से जेल में मुलाकात कराता था। यहां जिला जेल में अफसरों से लेकर सिपाहियों तक उसने नेटवर्क फैला रखा था। उमेश पाल हत्याकांड की जांच में सामने आया था कि हत्या की साजिश बरेली जिला जेल में ही रची गई थी। 

उमेश पाल की हत्या करने वाले शूटरों की अशरफ से मुलाकात कराने में भी सद्दाम और उसके खास गुर्गे बरेली निवासी लल्ला गद्दी की भूमिका सामने आई थी। बिथरी थाने में सद्दाम, लल्ला गद्दी और उसके अन्य गुर्गों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। दूसरा मुकदमा सद्दाम व उसके साथियों के खिलाफ बारादरी थाने में दर्ज हुआ था।
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दोनों मुकदमों की विवेचना के लिए सीओ तृतीय के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई थी। अशरफ व सद्दाम के गुर्गों को जेल भेजा गया था। जेल के आरक्षी भी जेल गए थे। फिर नौ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। उमेश पाल की हत्या के बाद सद्दाम भूमिगत हो गया था। आखिरकार पुलिस ने उसे दबोच लिया। 
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