बरेली में महिलाओं की हत्या करने वाला साइको सीरियल किलर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सौतेली मां के सितम और पत्नी की बेवफाई के बाद साइको महिलाओं से करने नफरत लगा। साइको किलर ने छह महिलाओं की हत्या की वारदातें कबूल कर ली हैं। पुलिस को स्केच से मदद मिली।
यूपी के बरेली के शाही और शीशगढ़ इलाके में महिलाओं की हत्या करने वाले सीरियल साइको किलर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कुलदीप गंगवार नवाबगंज इलाके का रहने वाला है। उसने छह महिलाओं की हत्या की बात कबूल की है।
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पुलिस पूछताछ में सामने आया कि सौतेली मां के सितम और पत्नी के दूसरे व्यक्ति से शादी करने के बाद कुलदीप महिलाओं से नफरत करने लगा था। इसी वजह से वह वारदातें कर रहा था।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि कुल 11 महिलाओं की हुई हत्याओं के खुलासे के लिए ऑपरेशन तलाश शुरू कर 22 टीमें लगाई थीं। इलाके में ग्रामीणों और मुखबिरों से जानकारी जुटाई गई। एक महिला समेत स्थानीय लोगों से मालूमात कर एक शख्स के हुलिये का स्केच बनाया गया।
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छह अगस्त को यह स्केच सार्वजनिक किए जाने के बाद से आरोपी के बारे में तथ्यात्मक सूचनाएं मिलने लगीं। इसके आधार पर नवाबगंज थाने के गांव बाकरगंज समुआ निवासी कुलदीप को बृहस्पतिवार को शाही इलाके से गिरफ्तार किया गया। कुलदीप की शाही इलाके में दो बहनें और एक अन्य रिश्तेदार रहते हैं। अक्सर उनके घर पहुंचकर वहीं रुकता था। पूछताछ में आरोपी ने छह वारदातें स्वीकारीं।
इस दौरान, कुलदीप की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक पुतले को महिला के कपड़े पहनाकर उसे दिया। फिर उससे पूछा गया कि उसने महिलाओं को कैसे मारा। तब कुलदीप ने पुतले के साथ अश्लील हरकतें कीं। फिर दुपट्टे से उसका गला कसा और बांयी ओर गांठ लगा दी।
ऐसा करके वह काफी खुश हुआ, जैसे उसने कोई बड़ा काम कर दिया हो। शाही के खेतों में भी वह आगे चलते हुए सादा कपड़ों में मौजूद पुलिसवालों को उन्हीं स्थानों पर ले गया, जहां उसने हत्या की थी। पुलिस ने उसे महिलाओं के बीच अकेला छोड़कर देखा तो वह उनसे ज्यादा हंसकर बात करता दिखा।
एसएसपी बोले- अखबार पढ़कर मिली मदद
एसएसपी ने खुलासे के दौरान कहा कि मीडिया से उन्हें खुलासे में काफी मदद मिली। उन्होंने घटना के बाद से लेकर अब तक की मीडिया कवरेज देखी। खासकर अखबार पढ़े तो उन्हें आरोपी का हुलिया तय करने में मदद मिली। इसके लिए मीडिया का आभार जताया।
सुबह निकलता था, हर हत्या के बाद रखी पहचान
एसएसपी ने बताया कि कुलदीप अपनी रिश्तेदारी से सुबह आठ बजे करीब कुछ न कुछ खाकर निकलता था और पगडंडी व खेतों में घूमता रहता था। इस बात की गारंटी नहीं होती थी कि वह लौटकर उसी रिश्तेदार के घर जाएगा, जहां से वह आया था। बताया कि हर महिला की हत्या के बाद वह उसकी कोई न कोई पहचान रख लेता था। किसी महिला के कपड़े, किसी के सजने-संवरने का सामान तो किसी के पास मौजूद बैग या आधार कार्ड ही रख लेता था।
भाई बोला- कुलदीप मानसिक मंद, हत्यारा नहीं
कुलदीप के शाही में होने की खबर पर उसका छोटा भाई राजकुमार वहां आ गया। उसने बताया कि कुलदीप जन्म से मानसिक मंद है। उसकी शादी दिव्यांग युवती से हुई थी, लेकिन वह उसकी हरकतों से परेशान होकर दूसरे गांव भोलापुर चली गई और दूसरी शादी कर ली। उसके दो बच्चे हैं। बताया कि भाई दो महीने पहले सब्जीपुर खाता गांव में फुफेरे भाई के यहां चला गया था।
उन्हें जानकारी हुई तो उसे लेने आए। शुक्रवार को थाना नवाबगंज से सूचना मिली कि तुम्हारा भाई शाही थाने में बैठाया गया है। उसे ले आओ तो मैं उसे लेने आया हूं। कहा कि कुलदीप दस रुपये की गिनती भी नहीं कर सकता। सवाल उठाया कि वह हत्यारा होता तो उसने आज तक नवाबगंज क्षेत्र में किसी महिला के साथ कोई अपराध क्यों नहीं किया? कहा कि अधिकारियों से मिलकर शिकायत करेगा।