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Bareilly News: गवाह की हत्या करने के तीन दोषियों को उम्रकैद, 17 साल पहले दिनदहाड़े की थी वारदात

Sat, 10 Aug 2024 10:38 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में गवाह की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ज्ञानेंद्र त्रिपाठी की अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। इसमें हत्या के तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पहलऊ में 17 साल पहले एक गवाह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने वाले तीन लोगों को अपर सत्र न्यायाधीश ज्ञानेंद्र त्रिपाठी की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 

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फरीदपुर के ग्राम पहलऊ पट्टी निवासी रामसेवक यादव ने 17 जुलाई 2007 को थाने में दी तहरीर में बताया कि 13 मार्च 2005 को गांव के कल्लू आदि ने उनके भाई श्रीकृष्ण की हत्या कर दी थी। उसी दिन कल्लू व अमर सिंह ने गांव के रुस्तम के भाइयों पर जानलेवा हमला किया था। रामसेवक का भाई गनपत इस मामले में गवाह था। 16 माह बाद हत्या के चारों आरोपी जमानत पर जेल से बाहर आए। इसके बाद वे गनपत व उसके भाई पर गवाही न देने का दबाव बनाने लगे।
 
सरेआम गोली मारकर की थी हत्या 
17 जुलाई 2007 को रामसेवक, उसका भाई शिवराज व भतीजा नरेंद्र चारा काट रहे थे। भाई गनपत नहाने के लिए नल पर खड़ा था। इसी दौरान गांव के सियाराम, उसका लड़का पिल्लू, गांव के कल्लू एवं अमर सिंह ने गोली मारकर गनपत की हत्या कर दी। पुलिस ने उक्त चारों के अलावा अमर सिंह पुत्र सुल्तान यादव एवं रघुनंदन को साजिश रचने का आरोपी पाते हुए सभी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। 

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दोनों पक्षों को सुनने व साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने अमर सिंह पुत्र सुल्तान यादव व रघुनंदन को हत्या की साजिश रचने के आरोप से बरी कर दिया। जबकि, सियाराम, कल्लू व अमर सिंह को दोषी करार देते हुए तीनों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। 

गवाही से रोकने के लिए हत्या विधि के शासन पर प्रत्यक्ष आघात
न्यायाधीश ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने अपने आदेश में कहा कि गवाही से रोकने के लिए 58 वर्षीय निर्दोष व्यक्ति की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। यह कृत्य विधि के शासन पर प्रत्यक्ष आघात है। अभियुक्तों ने एक ही अपराध में अलग-अलग अधिवक्ता किए जिससे कि सुनवाई को लंबा खींचा जा सके। यही कारण रहा कि मुकदमा 17 साल चला।
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