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बरेली की स्मैक की मुंबई तक धमक, महिलाएं भी कारोबार में शामिल

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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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फरीदपुर के गांव बेहरा और पढ़ेरा के अलावा फतेहगंज पश्चिमी दूर-दूर तक बदनाम
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दिल्ली पुलिस व अन्य कई राज्यों की पुलिस कई बार कर चुकी है छापामारी

बरेली। चरस, स्मैक और अफीम की तस्करी के लिए बदनाम हो चुुके जिले के कुछ हिस्सों का कनेक्शन बालीवुड की ड्रग्स पार्टियों तक जोड़ा जा रहा है। नशे की दुनिया में फतेहगंज पश्चिमी की स्मैक की क्वालिटी अच्छी मानी जाती है और इसकी मांग दिल्ली मुंबई समेत देश के कई हिस्सों में है।
बरेली के तस्कर पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड में नशीले पदार्थों की सप्लाई करते हैं। हालांकि बरेली से मुंबई का कभी सीधे कनेक्शन तो सामने नहीं आया है लेकिन दिल्ली से ये स्मैक मुंबई तक भी पहुंचती है। फरीदपुर के बाप-बेटे स्मैक के कारोबार के लिए दूर-दूर तक बदनाम हैं और बरेली व फतेहगंज पश्चिमी की महिलाएं भी इस धंधे में पकड़ी जा चुकी हैं। मुंबई में इन दिनों बालीवुड में होने वाली ड्रग्स पार्टियों और उनमें अभिनेता अभिनेत्रियों के शामिल होने को लेकर केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो जांच पड़ताल में लगी हुई है। बरेली भी नशे के उत्पादों की मंडी के रूप में दूसरे प्रदेशों तक बदनाम हो चुका है। कस्बा फतेहगंज पश्चिमी की स्मैक की क्वालिटी अच्छी होने के चलते मांग दूर-दूर तक है। इसी वजह से छत्तीसगढ़, नेपाल आदि से अफीम लाकर यहां बड़े पैमाने पर स्मैक तैयार की जाती है। कई बार दिल्ली पुलिस यहां दबिश दे चुकी है। कई बार यहां के लोग दिल्ली समेत अन्य प्रदेशों में गिरफ्तार हो चुके हैं। मगर यह कारोबार बंद होने के बजाय लगातार बढ़ रहा है। पिछले दिनों मुखबिरी को लेकर एक सपा नेता की हत्या भी कर दी गई थी। पुलिस सूत्रों का कहना है यहां तैयार होने वाली स्मैक सीधे मुंबई तो नहीं पहुंचती लेकिन दिल्ली के ड्रग मार्केट के जरिये वहां तक जरूर पहुंचती है। क्योंकि यहां से दिल्ली, पंजाब, सहारनपुर और उत्तराखंड में बड़े स्तर पर माल सप्लाई किया जाता है।

फरीदपुर के बेहरा और पढ़ेरा अफीम के गढ़

थाना फरीदपुर के गांव बेहरा और पढ़ेरा अफीम के अवैध कारोबार के लिए दूसरे प्रदेशों तक बदनाम हैं। कई बार दूसरे प्रदेशों की पुलिस इन गांवों में दबिश देकर यहां के तस्करों को गिरफ्तार कर ले जा चुकी है। पिछले दिनों गांव पढ़ेरा में पुलिस ने एक तस्कर के घर पर बुलडोजर भी चलवा दिया था। मगर वह पुलिस के हाथ नहीं आया। फरीदपुर कस्बे में ही स्मैक का काम करने वाले बाप-बेटे दिनों जेल में बंद हैं। पिछले दिनों दिल्ली पुलिस इन्हें गिरफ्तार करके ले गई थी।
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फतेहगंज पश्चिमी और गंगापुर की महिलाएं भी धंधे में
स्मैक के कारोबार में यहां की महिलाएं भी उतर गई हैं। पिछले साल मीरगंज निवासी रीना नाम की तस्कर को देहरादून पुलिस ने स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। इसके अलावा फतेहगंज पश्चिमी की एक महिला को एसटीएफ ने रोडवेज से गिरफ्तार किया था। वहीं, शहर में थाना बारादरी क्षेत्र के मोहल्ला गंगापुर में एक महिला के परिवार की बहू और बच्चे तक स्मैक के कारोबार में लिप्त हैं।
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वर्ष 2020 में एनडीपीएस एक्ट में कार्रवाई
रिपोर्ट : 265
गिरफ्तारी : 299
बरामद नशीला पदार्थ : 417 किलो
(नोट: सभी आंकड़े 1 जनवरी से 15 सिंतबर 2020 तक)

नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के पुलिस अब लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। बरेली से मुंबई का कभी सीधा कनेक्शन सामने नहीं आया है। दिल्ली तक कारोबार की बात सामने आई है लेकिन वहां से मुंबई का कनेक्शन हो सकता है। फिलहाल हमारी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। - राजेश पांडेय, डीआईजी

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