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Bareilly Election 2024 Result: शहर, कैंट और मीरगंज में खिला 'कमल', भोजीपुरा व नवाबगंज में दौड़ी 'साइकिल'

Wed, 05 Jun 2024 04:58 PM IST
मुकेश कुमार केके सक्सेना, संवाद, बरेली

सार

बरेली लोकसभा सीट से भाजपा के छत्रपाल सिंह गंगवार चुनाव जीतकर पहली बार सांसद बने। इस जीत के लिए उन्हें सपा प्रत्याशी से कड़ा संघर्ष करना पड़ा। शहर, कैंट और मीरगंज में उन्हें बढ़त मिली तो भोजीपुरा व नवाबगंज में वह पिछड़ गए। 
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जीत के बाद छत्रपाल सिंह पहुंचे हनुमान मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली लोकसभा सीट के चुनाव में भाजपा के छत्रपाल गंगवार सपा के प्रवीण सिंह ऐरन को हराकर पहली बार सांसद बन गए, लेकिन जीत के लिए उनको कड़ा संघर्ष करना पड़ा। विधानसभा क्षेत्र वार तुलना की जाए तो छत्रपाल भोजीपुरा व नवाबगंज से हार गए, जबकि मीरगंज, शहर व कैंट विधानसभा से उन्होंने जीत दर्ज की। निर्णायक बढ़त उन्हें मीरगंज से मिली। 

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शहर विधानसभा : फिर सिर चढ़कर बोला भाजपा का जादू 
शहर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने एक बार फिर भाजपा पर भरोसा जताया। भाजपा यहां 18,229 वोटों से सपा से आगे रही। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के डॉ. अरुण कुमार सक्सेना को 1,29,014 वोट मिले थे। लोकसभा चुनाव में शहर के मतदाताओं ने भाजपा को 1,24,129 वोट देकर विश्वास बनाए रखा। वहीं, सपा के प्रवीण सिंह ऐरन को 1,05,900 वोट मिले। 

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा को 96,694 वोट मिले थे। विधानसभा चुनाव में भाजपा 32,320 वोटों से जीती थी, लेकिन लोकसभा चुनाव में यह आंकड़ा कम होकर 18,229 रह गया। शहर विधानसभा सीट लंबे अरसे से भाजपा ही जीतती आ रही है। इस बार बसपा प्रत्याशी का पर्चा खारिज होने के बाद सीधी टक्कर में भी भाजपा सपा पर भारी पड़ी।

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कैंट विधानसभा: महज 3,286 वोटों से जीती भाजपा 
कैंट विधानसभा क्षेत्र में भाजपा और सपा के बीच कांटे की टक्कर दिखी। मुस्लिम बहुल इलाकों में जहां सपा आगे रही, वहीं सुभाषनगर, मढ़ीनाथ आदि जगहों पर मतदाताओं ने भाजपा को पसंद किया। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के संजीव अग्रवाल को 98,931 वोट मिले थे। 

सपा प्रत्याशी प्रवीण सिंह ऐरन की पत्नी सुप्रिया ऐरन तब कैंट विधानसभा से चुनाव लड़ी थीं। उन्हें 88,163 वोट मिले थे। 10,768 वोटों से भाजपा ने विधानसभा चुनाव जीता था। लोकसभा चुनाव में यह आंकड़ा और कम हो गया। भाजपा, सपा से महज 3,286 वोट ही ज्यादा पा सकी। भाजपा के छत्रपाल गंगवार को 95,940 वोट मिले तो सपा के प्रवीण सिंह ऐरन ने 92,654 वोट हासिल किए।

मीरगंज से छत्रपाल को निर्णायक बढ़त 
विधानसभा के मतदाताओं ने ही रखी। यहां छत्रपाल को 27,034 वोटों की बढ़त मिली जो निर्णायक रही। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी यहां भाजपा के डॉ. डीसी वर्मा जीते थे। उन्हें 1,16,435 वोट मिले थे, जबकि सपा के सुल्तान बेग को 83,955 वोट मिले थे। तब भाजपा 32,480 वोटों से जीती थी। 

लोकसभा चुनाव में भी यहां भाजपा का जादू चला। छत्रपाल गंगवार को 1,20,977 वोट, जबकि सपा के प्रवीण सिंह ऐरन को 93,943 वोट मिले। इसके पीछे माना जा रहा है कि मुस्लिमों ने मतदान में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई, जबकि भाजपा के सभी वर्गों का वोट मिला। 

भोजीपुरा : 12,870 वोटों से आगे रही सपा 
भोजीपुरा में सपा के प्रवीण सिंह ऐरन ने छत्रपाल गंगवार पर 12,870 वोटों से बढ़त बनाई। वर्ष 2022 में विधानसभा चुनाव में भी यहां सपा का पलड़ा भारी रहा था। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के शहजिल इस्लाम को 1,19,402 मत, जबकि भाजपा के बहोरन लाल मौर्य को 1,09,993 वोट मिले थे। शहजिल इस्लाम 9,409 वोटों से जीते थे। 

भोजीपुरा विधानसभा में शहजिल व उनके पिता इस्लाम साबिर का काफी दबदबा माना जाता है। इस लिहाज से यहां सपा प्रत्याशी प्रवीण सिंह ऐरन की जीत सुनिश्चित मानी जा रही थी। लोकसभा चुनाव में भाजपा के छत्रपाल गंगवार को यहां 1,18,275 वोट मिले, जबकि सपा के प्रवीण सिंह ऐरन ने 1,31,145 मत हासिल किए। तमाम कोशिशों के बाद भी भाजपा यहां बढ़त नहीं बना सकी।
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नवाबगंज विधानसभा : 904 वोटों से पिछड़े छत्रपाल
भाजपा प्रत्याशी छत्रपाल गंगवार नवाबगंज विधानसभा क्षेत्र में मामूली अंतर से पिछड़ गए। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में यहां से भाजपा प्रत्याशी डॉ. एमपी आर्य 9,237 वोटों से जीते थे। उन्हें 1,11,113 वोट पड़े थे, जबकि सपा के भगवत सरन गंगवार को 1,01,876 वोट पड़े थे।  लोकसभा चुनाव में यहां कांटे की टक्कर रही। नवाबगंज में भाजपा के छत्रपाल गंगवार को 1,06,279 जबकि सपा के प्रवीण सिंह ऐरन को 1,07,183 वोट मिले। सपा यहां भाजपा से 904 वोट से आगे रही। 

नवाबगंज कुर्मी बहुल क्षेत्र है। छत्रपाल गंगवार भी इसी बिरादरी से आते हैं। इसी लिहाज से यहां भाजपा का पलड़ा भारी माना जा रहा था, लेकिन जब वोट खुले तो तस्वीर बदल गई। मुस्लिमों के अलावा यहां सपा दूसरी बिरादरियों में पैठ बनाने में कामयाब रही। सपा के भगवत सरन गंगवार की भी यहां अच्छी पकड़ हैं। यहां से सपा को इसका भी फायदा मिलने की बात कही जा रही है।
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