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Bareilly: तीन टेस्ट में पास कुतुबखाना पुल, मुख्य परीक्षण आज से, अगले सप्ताह से फ्लाईओवर पर भरें फर्राटा

Sat, 24 Feb 2024 10:42 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली के कुतुबखाना पुल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। पुल की मजबूती जांचने के लिए तीन टेस्ट कराए गए, जो सफल रहे। शनिवार से मुख्य परीक्षण शुरू हो रहा है। सबकुछ सही रहा तो अगले सप्ताह से पुल पर यातायात शुरू हो जाएगा। 
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कुतुबखाना फ्लाईओवर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में पिछले दस दिनों में कुतुबखाना पुल की मजबूती जांचने के लिए तीन टेस्ट (कैपो टेस्ट, कोर टेस्ट और यूपीवी टेस्ट) कराए गए। तीनों टेस्ट सफल रहे। अब शनिवार से लोड टेस्ट शुरू हो रहा है। यह अगले पांच दिनों तक चलेगा। इससे पुल की मजबूती का पता लगेगा। इसके बाद ही यातायात शुरू किया जा सकेगा। अगले सप्ताह पुल पर वाहनों के दौड़ने की उम्मीद है। कार्यदायी संस्था के पीडी एमके सिंह ने बताया कि पुल तैयार हो गया है। 

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इसकी मजबूती जांचने के लिए चार टेस्ट होने थे। तीन हो चुके हैं और चौथा लोड टेस्ट शनिवार से शुरू होगा। इन चारों तकनीक के जरिये ही पुल की मजबूती परखी जाती है। शनिवार से होने वाले लोड टेस्ट के दौरान पुल पर अलग-अलग चार जगहों पर करीब 150 टन मलबे से लदे हाईवा ट्रकों को खड़ा किया जाएगा।

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इस दौरान पुल पर कितना दबाव पड़ता है, यह जांच के लिए पुल के नीचे प्रिज्म लगाए गए हैं। इसके जरिये एक मशीन से पुल पर पड़ने वाले दबाव को रिकॉर्ड किया जाएगा। हर छह घंटे में रीडिंग ली जाएगी। जरूरत पड़ी तो वजन बढ़ाकर रीडिंग ली जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि अगले कई वर्षों तक इस पुल पर ट्रैफिक बढ़े तो भी कोई दिक्कत न आए। 

अब तक हुईं ये जांचें
कोर टेस्ट : इसमें पुल के ऊपर रोड पर ग्रांइडर से होल किया जाता है। इसमें से जो निर्माण सामग्री निकलती है, उसकी गुणवत्ता की जांच की जाती है। 
कैपो टेस्ट : इसमें पुल के नीचे की साइड में दीवार में होल काटकर देखा जाता है कि किनारों की ओर पुल कितना मजबूत है?
यूपीवी टेस्ट : पुल की मजबूती की जांच के लिए यूपीवी (अल्ट्रासोनिक पल्स वेलॉसिटी) तकनीक का प्रयोग किया जाता है। इसमें अल्ट्रासोनिक तरंगें पुल की सतह पर डाली जाती हैं। इससे यह पता चलता है कि पुल के अंदर कहीं पर कोई गैप तो नहीं है।
 

सात दिन में बन जाएगी सर्विस रोड
पुल के नीचे सर्विस रोड का निर्माण चल रहा है। उप परियोजना प्रबंधक अरुण गुप्ता ने बताया कि सात दिनों में सर्विस रोड का निर्माण पूरा हो जाएगा। दिन में आवागमन अधिक रहता है। इसीलिए रात में ज्यादा काम कराया जा रहा है।

हटाए गए बिजली लाइनों के तार
कुतुबखाना पुल के बगल से बिजली लाइनों के पुराने तार हटाने के साथ नई लाइन को ठीक करने का काम भी शुरू हो गया है। अधिशासी अभियंता अमित आनंद ने बताया कि पुल निर्माण के वक्त अस्थायी तौर पर नई लाइन बनाई गई थी। अब इसी लाइन को पुख्ता किया जा रहा है ताकि पुल पर जब वाहन चलें तो कोई खतरा न होने पाए। यह काम 31 मार्च तक पूरा होगा।
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कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक एमके सिंह ने बताया कि लोड जांच के लिए मशीनें आ गई हैं। उन्हें पुल पर लगा दिया गया है। कोर टेस्ट, कैपो टेस्ट और यूपीवी टेस्ट हो चुका है। यह तीनों टेस्ट मानकों पर खरे उतरे हैं। लोड टेस्ट शनिवार से शुरू हो जाएगा, जो पांच दिनों तक चलेगा। इसके बाद ही यातायात शुरू किया जाएगा।
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