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बरेली गोलीकांड: हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, राजीव राना के भाई ने एसएसपी दफ्तर में किया सरेंडर

Tue, 09 Jul 2024 03:12 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली के पीलीभीत बाइपास पर 22 जून की सुबह प्लॉट पर कब्जे को लेकर राजीव राना और आदित्य उपाध्याय के गुटों में जमकर फायरिंग हुई थी। इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेज चुकी है। गौरीशंकर फरार चल रहा था। मंगलवार को उसने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। 
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राजीव राना का भाई गौरीशंकर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के पीलीभीत बाईपास पर गोलीकांड मामले में आरोपी राजीव राना के भाई गौरीशंकर राना ने मंगलवार को एसएसपी दफ्तर में आत्मसमर्पण कर दिया। गौरीशंकर ने वकील के जरिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त करने व अग्रिम जमानत देने की अपील की थी। हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के लिए आठ जुलाई की तारीख तय की थी।

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मामला गंभीर होने के कारण सोमवार को हाईकोर्ट ने गौरीशंकर की अर्जी को निरस्त कर दिया। गोलीकांड मामले में गौरीशंकर समेत पांच फरार आरोपियों पर एसएसपी ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस लगातार गिरफ्तारी का प्रयास कर रही थी। पुलिस के बढ़े दबाव की वजह से गौरीशंकर मंगलवार एसएसपी दफ्तर पहुंचा और आत्मसमर्पण कर दिया।

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22 जून को हुई थी घटना 
इज्जतनगर थाना क्षेत्र में 22 जून की सुबह पीलीभीत बाइपास पर प्लॉट पर कब्जे को लेकर राजीव राना और आदित्य उपाध्याय के गुटों में जमकर फायरिंग हुई थी। इस मामले में दोनों आरोपियों की संपत्तियों पर बुलडोजर चल चुका है। इस मामले में अब तक 30 से अधिक लोग जेल जा चुके हैं। गौरीशंकर से पहले उसके भाई संजय राना भी एसएसपी दफ्तर में सरेंडर कर चुका है। 

संजय राना भी कर चुका है सरेंडर 
संजय राना ने तीन जुलाई की एसएसपी दफ्तर में आत्मसमर्पण किया था। उसने पुलिसकर्मियों को परिचय देकर गिरफ्तार करने की पेशकश की तो वह हैरत में पड़ गए थे। संजय ने 25 लाख में केपी से प्लॉट खाली कराने का सौदा करने की बात कबूल की। उसने पुलिस को बताया कि बड़े भाई राजीव राना ने छह महीने पहले ही केपी यादव से प्लॉट खाली कराने को लेकर बात की थी। केपी ज्यादा रकम मांग रहा था लेकिन भाई ने 25 लाख में सौदा तय कर दिया। 
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उसने बताया कि छह महीने पहले ही बयाने के तौर पर केपी को तीन लाख रुपये दे दिए थे। घटना से तीन दिन पहले ढाई लाख और एक दिन पहले रात को होटल में पार्टी दौरान फिर ढाई लाख रुपये केपी को दिए गए। बाकी रकम प्लॉट पर कब्जे के बाद दी जानी थी लेकिन फायरिंग की वजह से उनका पूरा प्लान चौपट हो गया था। 
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