इधर बधाई मिलीं तो उधर खुल गई पोल
प्रवीण कुमार को दोपहर में आंवला का प्रभार मिला तो शाम चार बजे उन्होंने कार्यभार ग्रहण कर लिया। उन्हें बधाई संदेश आने लगे। इस बीच कुछ विभागीय कर्मियों ने ही उनका कच्चा चिट्ठा कप्तान तक पहुंचा दिया।
पता लगा कि पीलीभीत में उनकी तैनाती के दौरान बवाल हुआ था जिसमें उन पर कार्रवाई की गई थी। उन्होंने भर्ती बोर्ड से यह जानकारी छिपा ली। इसे अक्षम्य मानकर एसएसपी ने कार्रवाई कर दी। रात पौन बजे पुलिस लाइन के ही इंस्पेक्टर सिद्धार्थ सिंह तोमर को आंवला इंस्पेक्टर की तैनाती दे दी गई।
जनशिकायतों को रद्दी की टोकरी में डाल रहे थे इंस्पेक्टर
थाना प्रभारी आंवला वीरेश कुमार को जनसमस्याओं में शिथिलता बरतने, जमीन संबंधी विवादों में चौकी प्रभारी व अधीनस्थों पर प्रभावी नियंत्रण न रख पाने की वजह से एसएसपी ने लाइन हाजिर किया है। बताते हैं कि वह जनप्रतिनिधियों के फोन भी दरकिनार कर मनमानी से काम कर रहे थे।
वहीं हाफिजगंज थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह को जन सुनवाई डेस्क व अधिकारियों की ओर से निर्गत आदेश का पालन न करने पर लाइन हाजिर किया गया। एसएसपी कार्यालय में हाफिजगंज थाना क्षेत्र से सबसे ज्यादा शिकायतें पहुंच रही थीं। विवाद के तमाम मामलों में थाना प्रभारी न तो एनसीआर और न एफआईआर दर्ज कराते थे। वह मेडिकल परीक्षण को मजरूबी चिट्ठी देकर भेज देते थे।