चंदौसी और रुद्रपुर से मंगाए गए थे असलहे
मुठभेड़ में पकड़े गए केपी यादव के गुर्गे धनुष और मोहम्मद हुसैन उर्फ गोला असलहों की तस्करी भी करते हैं। पुलिस के मुताबिक राजीव राना से प्लॉट पर कब्जे का सौदा पक्का होने के बाद केपी यादव के कहने पर धनुष और गोला ने संभल जिले के चंदौसी और उत्तराखंड के रुद्रपुर से तमंचों की खेप मंगाई थी। 40 हजार में 10 तमंचों का सौदा हुआ था।
वहीं, शहर के ही तीन शातिरों ने कारतूस मुहैया कराए थे। घटना से एक दिन पहले ही राजीव के भाई संजय को तमंचे सौंप दिए गए थे। केपी ने उस समय धनुष और गोला को कुछ रुपये एडवांस के तौर पर दे दिए थे। बाकी रुपये कब्जे के बाद देने थे। कब्जे के दौरान ऐसा बवाल हुआ कि केपी समेत बाकी आरोपी अंडरग्राउंड हो गए थे। केपी और उसके साथी सुभाष को भी मुठभेड़ में पकड़ा गया था।
एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि राजीव राना व आदित्य उपाध्याय पर गैंगस्टर लगाने के साथ ही उनका गैंग चार्ट तैयार किया जाएगा। इससे संबंधित लिखापढ़ी की जा रही है। उनकी संपत्तियों का ब्योरा भी तैयार किया जा रहा है। अवैध कमाई से संपत्तियां बनाने की पुष्टि हुई तो प्रशासन को रिपोर्ट भेजकर जब्तीकरण जैसी कार्रवाई की जाएगी।