बरेली में किशोरी का अपहरण कर उससे दुष्कर्म करने के एक आरोपी को अदालत ने 22 साल कैद की सजा सुनाई है। सजा का आदेश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रामदयाल ने दिया। घटना की रिपोर्ट पीड़ित की मां ने थाना बारादरी थाने में लिखाई थी।
जिक्र था कि कुछ माह पहले उसे पता चला कि उसकी 14 साल की बेटी से आरोपी अतुल गुप्ता बात करता है। उसने अपनी बेटी से बात की और उसकी पढ़ाई बंद करा दी। उसका घर के बाहर आना-जाना बंद करा दिया। फिर 12 जुलाई 2013 की दोपहर तीन बजे जब घर के बाकी सदस्य अपने कामकाज में व्यस्त थे तो बेटी शादी के लिए इकट्ठे किए 46 हजार रुपये और जेवर लेकर घर से निकल गई।
इस बारे में मालूम करने वह अभियुक्त अतुल गुप्ता के घर भी गई लेकिन वह भी गायब था। तीन अक्तूबर 2013 को पुलिस ने बेटी को सेटेलाइट बस स्टेशन से खोज लिया। पुलिस ने अभियुक्त अतुल गुप्ता, उसके भाई नेहा गुप्ता व बहन आकांक्षा के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सभव मिश्रा व सीपी गुप्ता ने नौ गवाह पेश किए।
कोर्ट ने नेहा गुप्ता व आकांक्षा गुप्ता को आरोपों से बरी कर दिया। अतुल गुप्ता को दोषी ठहराते हुए 22 साल कैद व 92 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।