शिक्षकों, कर्मचारियों ने मुख्य प्रवेश द्वार पर लगाया ताला, बवाल की आशंका में फोर्स तैनात
छात्रवृत्ति आवेदन पत्र जमा करने के लिए 27 अक्तूबर को काउंटर लगाने का निर्णय
बरेली। बरेली कॉलेज में तोड़फोड़, हंगामा और मारपीट करने वाले छात्र नेताओं पर कार्रवाई न होने के विरोध में सोमवार से कॉलेज को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया। सोमवार सुबह कॉलेज पहुंचे विद्यार्थियों को कर्मचारियों ने बाहर निकाल दिया और फिर मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया। इससे विद्यार्थियों में आक्रोश है। व अन्य आक्रोशित रहे।
उपद्रव करने वाले विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता और पदाधिकारी हैं, यह बात प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन लिखित तौर पर स्वीकार कर चुके हैं। दो छात्रों की पहचान कर विवेचना में नाम बढ़ाने और कार्रवाई के लिए चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा थाना बारादरी को पत्र लिख चुकी हैं, लेकिन रविवार देर रात तक इस मामले में कोई कार्रवाई न होने पर सोमवार को शिक्षकों और कर्मचारियों ने 18 अक्तूबर को संयुक्त बैठक में लिए गए निर्णय के तहत कॉलेज अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया। सुबह दस बजे कॉलेज में कुछ काउंटर खुल गए थे। उन पर विद्यार्थी भी मौजूद थे। कर्मचारियों और शिक्षकों ने सभी काउंटर बंद करा दिए और विद्यार्थियों को कॉलेज से बाहर निकाल दिया।
शिक्षक संघ के महासचिव डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि शिक्षकों और कर्मचारियों के सामूहिक धरना स्थल पर वार्ता करने के लिए एसीएम प्रथम और थाना बारादरी इंस्पेक्टर पहुंचे। सेमिनार कक्ष में प्राचार्य समेत सभी संगठनों के पदाधिकारियों से हुई। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटना न होने देने का भरोसा दिलाया। सूचना पर तत्काल पुलिस उपलब्ध कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की बात कही। इस पर शिक्षकों ने सवाल किया- जो घटना हुई है, उस पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है, इसका अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके। इसके बाद शिक्षकों और कर्मचारियों ने कॉलेज बंदी का फैसला वापस लेने से इनकार कर दिया।
कार्रवाई न होने तक बंद रहेगा कॉलेज
डॉ. सिंह के मुताबिक, कॉलेज में अराजकता की स्थिति के बावजूद पुलिस और प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न होने तक शिक्षक और कर्मचारियों ने हड़ताल जारी रखने की बात कही है। हालांकि, छात्रहित को देखते हुए 27 अक्तूबर को स्कॉलरशिप फॉर्म भरने के लिए बीएड विभाग में काउंटर लगाने पर सहमति बनी है।
कॉलेज परिसर स्थित बैंक का काम भी प्रभावित
कॉलेज बंद होने से परिसर स्थित बैंक का कामकाज भी ठप हो गया है। बैंक में विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचने वाले लोगों को भी वापस लौटना पड़ा। सोमवार को तमाम बुजुर्ग बैंक से पेेंशन निकालने पहुंचे थे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने बवाल होने की आशंका जताते हुए उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। इससे वह निराश होकर लौट गए।
छात्रवृत्ति के लिए आवेदन फार्म जमा करने आया था। सुबह कुछ देर तक काउंटर खुले थे पर कॉलेज के ही कुछ लोगों ने आकर काउंटर बंद करा दिया और सभी को बाहर निकाल दिया। - सचिन कुमार, रामपुर
सुबह सात बजे ही फार्म जमा करने के लिए कॉलेज पहुंच गए थे, लेकिन फार्म जमा करने से पहले ही कॉलेज बंद कर दिया। दोपहर एक बजे गेट खोलने को कहा पर नहीं खुला। - हिमांशु गंगवार, रामपुर
दूसरे जिले से बरेली कॉलेज आए लेकिन अब बगैर काम हुए वापस जाना पड़ रहा है। शिक्षक कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त न होने से हजारों विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति जमा नहीं होंगे। - राहुल रॉय, पीलीभीत
टीसी का फार्म जमा करने के लिए सुबह ही बरेली कॉलेज पहुंच गया था। यहां पहुंचने पर पता चला कि जब तक मारपीट करने वाले विद्यार्थियों पर कार्रवाई नहीं होगी, स्थिति यही रहेगी। - सुनील गंगवार, नवाबगंज
लाइन में लगे हुए विद्यार्थियों को डांट फटकार कर बाहर निकाला गया। 27 अक्तूबर छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तिथि है। पुलिस प्रशासन को आरोपी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई करनी चाहिए। राजवीर, पीलीभीत
बैंक से रुपये निकालने के लिए पैदल चलकर कॉलेज पहुंचा था। यहां आकर पता चला कि कॉलेज का मेन गेट ही बंद है। अंदर जाने के लिए पुलिसकर्मियों से पूछा तो उन्होंने मना कर दिया। - शिव लाल, माधोबाड़ी
कॉलेज बंद करना था तो बंद करते मगर मेन गेट बंद कर बैंक जाने वालों को भी रोक दिया है। यह तो जनता को परेशान किया जा रहा है। रुपये जमा करने आया था, पर वापस लौटना पड़ा। सचिन, कटरा चांद खां