शराब माफिया के आगे अधिकारी किस हद तक नतमस्तक थे कि इसकी पुष्टि करीब तीन महीने पहले तब हुई जब बरेली के तत्कालीन डीएम मानवेंद्र सिंह ने मनोज जायसवाल की पत्नी और भाइयों के नाम पर चल रहीं दुकानों को निलंबित होने के बावजूद बहाल कर दिया।
तत्कालीन डीएम का यह कारनामा मीडिया में आया तो जिला आबकारी अधिकारी डीएन दुबे ने इस आदेश के खिलाफ आबकारी आयुक्त के यहां अपील की। उन्होंने डीएम को इस पर दोबारा विचार करने निर्णय लेने को कहा था। यह मामला अब तक डीएम के कोर्ट में लंबित है लेकिन जिला आबकारी अधिकारी ने ही इन दुकानों के लाइसेंस नवीनीकृत कर दिए हैं।
डीएम बोले- मेरी कोर्ट में लंबित मामले में नहीं ले सकते निर्णय
डीएम शिवकांत द्विवेदी ने बताया कि जिन दुकानों के लाइसेंस के निलंबन का मामला उनकी कोर्ट में लंबित है, उसमें आबकारी अधिकारी निर्णय नहीं ले सकते। जिला आबकारी अधिकारी अभी छुट्टी पर हैं। उनके लौटते ही पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की जाएगी और इस मामले में उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।