बरेली में बासमती धान की फसल में किसान 10 तरह की कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं कर सकेंगे। इनकी बिक्री, उत्पादन, स्टोर आदि पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है। सीडीओ जग प्रवेश के निर्देश पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने नोटिस जारी कर दिया है। अगले दो महीने तक यह प्रतिबंध रहेगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि कोई दुकानदार प्रतिबंधित कीटनाशक एसेफेट, बुप्रोफेजिन, क्लोरपाइरीफोस, हेक्साकोनोज़ोल, प्रोपिकोनाज़ोल, थियामेथोक्सम, प्रोफेनोफोस, इमिडाक्लोप्रिड, कार्बेन्डाजिम और ट्राइसाइक्लाजोल बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यही नियम इन्हें बनाने, स्टोर करने और सप्लाई करने वालों पर भी लागू होगा।
शासन के निर्देशों के मुताबिक सितंबर-अक्तूबर में बासमती धान की फसल पर कीटनाशकों के इस्तेमाल से उनके अवशेष दानों में रह जाते हैं, इससे चावल की गुणवत्ता प्रभावित होती है। किसानों को यह सलाह दी गई है कि इन रसायनों के विकल्प के रूप नीम आयल, ब्यूवेरिया बेसियाना, ट्राईकोग्रामा कार्ड का प्रयोग कीटनाशकों की रोकथाम में और ट्राइकोडर्मा, स्यूडोमोनास रोगों की रोकथाम के लिए कर सकते हैं।