बदायूं लोकसभा सीट पर अब तक छह बार सपा का कब्जा रहा है। प्रत्याशी बदलने पर भी लगातार सपा ने ही जीत का परचम फहराया। चार बार सलीम इकबाल शेरवानी तो दो बार धर्मेंद्र यादव सपा के सांसद रहे। बसपा का खाता नहीं खुल सका है, लेकिन भाजपा दो बार और एक बार जनसंघ ने भी सीट पर जीत दर्ज की है।
बदायूं लोकसभा क्षेत्र में यादव और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है। सपा इसे अपना प्रमुख गढ़ मानती रही है। यह अलग बात है कि वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा की डॉ. संघमित्रा मौर्य ने सपा के धर्मेंद्र यादव को पराजित कर दिया था। बदायूं लोकसभा क्षेत्र के चुनाव परिणामों को पलट कर देखें तो आजादी के बाद से जितने भी चुनाव हुए हैं।
उनमें सबसे अधिक जीत का स्वाद सपा ने चखा है। इसमें 1996 से लेकर 2004 तक सलीम इकबाल शेरवानी लगातार सांसद रहे। उनके बाद 2009 व 2014 में धर्मेंद्र यादव सांसद रहे। कांग्रेस पांच बार और भाजपा दो बार जीत चुकी है। इसके अलावा 1977 में बीएलडी से ओंकार सिंह ने जीत हासिल की थी।