बरेली। स्वास्थ्य विभाग में सालों तक सेवाएं देने के बाद भी कई जूनियर के अधीन सीनियर डाॅक्टर कार्य कर रहे हैं। ऐसे में मरीजों को बीमारियों से छुटकारा दिलाने वाले डाॅक्टर विभागीय बीमारी का शिकार हैं। सोमवार को विधानसभा में एमएलसी डॉ. मुकेश चंद्र शर्मा ने यह सवाल उठाया। अब अपर निदेशक कार्मिक ने प्रदेश के सभी जिलों को पत्र भेजकर जवाब मांगा है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा के अपर निदेशक कार्मिक ने सीएमओ से पूछा है कि कितने जूनियर को एमओआईसी बनाया गया और उनके अधीन कौन सीनियर डॉक्टर कार्य कर रहे हैं। किन नियमों के तहत यह तैनाती की गई और इसकी वजह क्या रही। बरेली में एमओआईसी डॉ. संचित शर्मा, डॉ. उत्तरा शर्मा, डॉ. प्रकाश चंद्र, डॉ. सुशील गुप्ता, डॉ. विवेक कुमार के अधीन सीनियर डॉक्टर कार्य कर रहे हैं। वर्ष 2015 में प्रदेश के संयुक्त सचिव विनोद कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया था कि सीएचसी, पीएचसी पर जूनियर के अधीन होने से सीनियर डॉक्टर में असंतोष रहता है। आदेश था कि प्रत्येक पीएचसी पर सीनियर डॉक्टर की तैनाती हो। सीएचसी पर लेवल-3 के अधिकारी की तैनाती की जाए। जिसे अफसर नजरंदाज कर रहे हैं। प्रकरण पर सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह का कहना है कि प्रश्नगत सवाल का जवाब जल्द भेज दिया जाएगा। अमर उजाला ब्यूरो