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साढ़े चार सौ करोड़ से शहर की सूरत बदलने की कवायद

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बैठक को संबोधित करते मेयर उमेश गौतम। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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भाजपा पार्षद बोले- नगर निगम के अफसर नहीं करते काम
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नगर निगम बोर्ड की बैठक में हंगामे के बीच पास हुआ बजट

बरेली। नगर निगम बोर्ड की बैठक बृहस्पतिवार को मेयर की अध्यक्षता में आईएमए हॉल में हुई। निर्माण, स्वास्थ्य, राजस्व और लेखा विभाग के कार्यों पर जमकर हंगामा हुआ। करीब छह घंटे चली बैठक में साढ़े चार सौ करोड़ का बजट पास हो गया। शहर की सूरत बदलने की इस कवायद में करीब 110 करोड़ रुपये कच्ची गलियों को पक्का करने पर खर्च किया जाएगा। 57 करोड़ रुपये पानी का संकट दूर करने के लिए पेयजल योजनाओं पर खर्च होंगे, जबकि 21 करोड़ रुपये सीवर लाइन पर खर्च किए जाएंगे।
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नगर निगम ने शहर में कच्ची गलियों को पक्का कराने समेत विभिन्न विकास कार्य कराने का मास्टर प्लान बनाया है। नगर निगम निधि से लेकर 15वें वित्त आयोग तक का बजट खर्च करने की कार्ययोजना बनी है। बोर्ड ने इसके लिए 112 करोड़ के बजट को मंजूरी दी है। कार्यकारिणी की बजट बैठक में शहर की कच्ची गलियों को पक्का करने के लिए नगर निगम निधि से 60 करोड़ और 15वें वित्त आयोग के बजट से 52 करोड़ मंजूर किए गए। वर्ष 2021 में शहर की तमाम कच्ची गलियों को पक्का करने का लक्ष्य नगर निगम ने बनाया है। शहर के 80 वार्डों में कितनी कच्ची गलियां हैं, इनकी सूची तैयार की गई है। करीब छह घंटे तक चली बैठक में हंगामे के बीच साढ़े चार अरब का बजट पास किया गया। बैठक में नगर आयुक्त अभिषेक आनंद, अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह, मुख्य अभियंता भूपेश कुमार सिंह, सहायक नगर आयुक्त निशा मिश्रा, कर निर्धारण अधिकारी ललितेश कुमार सक्सेना मौजूद रहे।

57 करोड़ से होगा पेयजल संकट दूर

नगर निगम इस बार घर-घर पानी पहुंचाने की योजना पर काम कर रहा है। बोर्ड बैठक में पेयजल संकट दूर करने के लिए 57 करोड़ का बजट पास किया गया। इससे जहां पाइप लाइन नहीं हैं, वहां पाइप लाइन बिछाकर कनेक्शन दिए जाएंगे। 21 करोड़ का बजट सीवर लाइन पर खर्च होगा।
  • इन कार्यों के लिए मंजूर हुआ बजट
  • डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन- 8 करोड़
  • स्वच्छ भारत मिशन पर- 4 करोड़
  • सड़कों, नालों की सफ ाई- 9.50 करोड़
  • कच्ची गलियों को पक्का करने के लिए- 112 करोड़
  • पर्यावरण सुरक्षा- 5.5 करोड़
  • नई गोशाला निर्माण- 2 करोड़
  • 25 पार्कों के सौंदर्यीकरण- 2 करोड़
  • लाइटिंग व्यवस्था पर 13 करोड़

भड़के पार्षद- यूनिपोल कब हटेंगे ये बताएं

बैठक में विज्ञापन से आय-व्यय पर चर्चा शुरू हुई तो एक साथ कई पार्षद हंगामा करने लगे। कहा, शहर में लगे अवैध यूनिपोल को अधिकारी कब हटवाएंगे। पार्षदों ने कहा कि शहर में कई जगह मानक के खिलाफ यूनिपोल लगाए गए हैं। यह कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं, लेकिन कई बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारी आंखें मूंदे हैं। कहा, जब भी यूनिपोल की बात करते हैं तो अधिकारी कहते हैं कि जांच कराई जा रही है। एक कमेटी का गठन भी किया गया है। कमेटी ने कहा कि शहर में ढाई सौ से अधिक यूनिपोल अवैध हैं। इसके बाद भी निगम के अफसरों ने उन्हें नहीं हटवाया। पार्षद सतीश कातिब, अब्दुल कयूम मुन्ना, छंगामल मौर्य, कपिल कांत इन मामलों पर जमकर विरोध किया।

सरकारी जमीनों से कब्जा कब मुक्त होगा

पार्षद छंगामल मौर्य ने कहा कि 74 खुली भूमियों का कुछ पता नहीं है। पिछली बैठक में भी इस पर बात की गई थी। तब अधिकारियों ने कहा था कि अगली बैठक तक सरकारी जमीनों से कब्जे खाली करा लिए जाएंगे लेकिन आज भी स्थिति वही बनी हुई है। किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कहा कि सिर्फ 31 भूमि पर ही नोटिस जारी किए गए। नावल्टी पर निगम के देखते ही देखते चार अवैध दुकानों का निर्माण हो गया। उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि यह सब मिलीभगत से हो रहा है।

डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन से निगम को हुआ नुकसान

भाजपा पार्षद विकास शर्मा ने कहा कि डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन घाटे का सौदा है। अगले वित्तीय वर्ष 2022-23 में जब नगर निगम जाएगा तो उस समय निगम के पास पैसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इसमें नगर निगम को नुकसान हुआ है। 2.53 करोड़ की आय नगर निगम को हुई है, जबकि इस मुहिम को चलाने वाली कंपनी को नगर निगम ने 3.84 करोड़ का भुगतान कर रही है। यानी 1.31 करोड़ का नुकसान नगर निगम को हुआ है। उन्हाेंने कहा कि इस डोर टू डोर में निगम के अफसर और कर्मियों को सीधे तौर पर जोड़ा जाए। कहा कि इसमें खर्च करीब 32 लाख रुपये होंगे जबकि निगम को आमदनी ढाई करोड़ रुपये की होगी। उन्होंने कहा कि वह चाहेंगे कि नगर निगम इसे प्रयोग के तौर पर ही किसी एक वार्ड में शुरू करा दे। पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान से सवाल पूछा गया कि कि कितने घरों से यूजर चार्ज वसूला जा रहा है। उन्हाेंने बताया कि एक लाख नौ हजार और कर निर्धारण अधिकारी ललतेश कुमार सक्सेना से पूछा गया कि कितने करदाता निगम को कर दे रहे हैं तो उन्होंने बताया कि एक लाख 42 हजार करदाता हमें कर दे रहे हैं।
  • मूल आय-व्यय, बजट वर्ष 2021-2022
  • प्रारंभिक अवशेष -70.53 करोड़
  • वर्ष की कुल अनुमानित आय-4.1 अरब
  • कुल योग- 4.71 अरब
  • अनुमानित व्यय- 4.59 अरब
  • अनुमानित अंतिम अवशेष धनराशि-12.64 करोड़

नगर निगम सदन ने करीब साढ़े चार अरब का बजट को सर्वसम्मति से पास किया है। मुख्य फोकस सड़क निर्माण, साफ-सफाई पर होगा। निगम के अफसरों से भी कहा गया है कि जनता की समस्याओं को प्रमुखता से निस्तारित किया जाए। -उमेश गौतम, मेयर।

जनहित से जुड़ी समस्याओं पर कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। सड़क निर्माण से लेकर जो भी समस्याएं हैं उन्हें दूर किया जाएगा। पानी आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा। -अभिषेक आनंद, नगर आयुक्त।

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