सीबीएसई की नई परीक्षा नीति को स्कूलों ने सराहा
बरेली। सीबीएसई की नई परीक्षा नीति को शिक्षकों ने सराहा है। कहा, इससे परीक्षा का मूल्यांकन करना आसान होगा। सूझबूझ के साथ बोर्ड ने नई परीक्षा प्रणाली तैयार की है। पिछले साल ही इसे लागू कर दिया गया होता तो वर्तमान में परीक्षा परिणाम जारी करने में दिक्कत नहीं होती। नई परीक्षा प्रणाली में जो बच्चे आधा सत्र बीतने के बाद या परीक्षा के दिनों में पढ़ते थे, वे अब शुरुआत से ही पढ़ेंगे। परिस्थितियों को देखते हुए बोर्ड ने बहुत ही सटीक प्रणाली लागू की है। अगले साल यदि बोर्ड परीक्षा के दौरान फि र कोई विपरीत परिस्थिति बनी तो प्रदर्शन का मूल्यांकन करना आसान होगा। इससे हमें एक छात्र की पूरे साल की असेसमेंट करने में सुविधा होगी। यही नहीं अब छात्र भी पढ़ाई को गंभीरता से लेंगे और साल भर मेहनत करेंगे।
स्कूल और छात्र दोनों के लिए यह नई परीक्षा प्रणाली अच्छी है। छात्रों को पूरा कोर्स पढ़ना होगा। अंत समय की तैयारी से अब काम नहीं चलेगा। स्कूलों को भी अब पूरे साल पढ़ाई करानी होगी। दो बार परीक्षा कराने का मतलब है कि अब विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी अतिरिक्त मेहनत करनी होगी। यह दोनों के ही हित में होगा। - संयोगिता चौधरी, विद्या भवन स्कूल।
महामारी को ध्यान में रखते हुए छात्रों के प्रदर्शन का सही से आकलन और मूल्यांकन हो, इसका नई परीक्षा प्रणाली में पूरा ध्यान रखा गया है। हर हाल में छात्रों का बेहतर असेसमेंट होगा। बहुविकल्पीय प्रश्नों से छात्रों को पूरा अध्ययन करना होगा। सभी वर्ग के छात्रों के लिए हितकर है। किसी भी विष्यम परिस्थिति में रिजल्ट तैयार करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। - राजेश यादव, मदर्स पब्लिक स्कूल।
पिछले साल की बात करें तो कोरोना की वजह से छात्रों में पढ़ाई की गंभीरता खत्म होने लगी थी। ऑनलाइन पढ़ाई में छात्रों को बार-बार उपस्थिति के लिए कहना पड़ता था। अब यदि छात्र पढ़ाई को लेकर गंभीर नहीं होगा तो वह फेल हो जाएगा। कमजोर छात्र भी शुरुआत से ही मेहनत करेंगे, तभी वह अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे और इसके आधार पर ही उनका असेसमेंट होगा। - रजनीश त्रिवेदी, जीआरएम।
नई परीक्षा प्रणाली काफी बेहतर है। एक साल इस प्रणाली पर चलने के बाद अगर आगे भी जारी रहती है तो विद्यार्थियों में लगातार पढ़ाई की आदत बन जाएगी। छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का भरपूर मौका साल भर मिलेगा। कोरोना जैसी विषम परिस्थिति में मूल्यांकन में भी कोई दिक्कत नहीं होगी और समय से परीक्षा परिणाम जारी करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। - पारुष अरोड़ा, अध्यक्ष, इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन।