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Bareilly News: करीब 21 साल पहले मृत शख्स के नाम से कर दिया बेशकीमती जमीन का एग्रीमेंट

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बरेली। करीब 21 साल पहले मृत शख्स के नाम से पीलीभीत की हनुमान राइस मिल के मालिक समेत छह लोगों को करोड़ों की जमीन का एग्रीमेंट कर दिया गया। अब धमकी भरी एक कॉल के बाद जब मामला खुला तो एसपी सिटी ने पीड़ित पक्ष को बुलाकर बयान दर्ज किया। मृत व्यक्ति का मृत्यु प्रमाणपत्र सामने आने के बाद अब कार्रवाई की तैयारी है।
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पीलीभीत के मोहल्ला डोरीलाल निवासी हनुमान राइस मिल के मालिक अर्पित अग्रवाल, शाहजहांपुर निवासी पुरुषोत्तम गंगवार, बीसलपुर निवासी अंकुर जैसवाल, राजकुमार और ओमप्रकाश ने 15 अक्तूबर 2024 को बरेली निवासी संतोष कुमार टंडन से 2784 वर्ग मीटर जमीन का एग्रीमेंट पौने दो करोड़ रुपये में किया था। बताया जा रहा है कि इसमें से 25 लाख रुपये एडवांस के तौर पर दिए गए थे। इस सौदे पर इज्जतनगर थाने के करमपुर चौधरी गांव निवासी नन्हे अहमद और शाही के धनेली निवासी नरवीर वर्मा ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए। इस मामले में शिकायत पर जांच में पता लगा कि संतोष कुमार टंडन का निधन छह नवंबर 2003 को ही हो गया था। सोमवार को पीड़ित पक्ष ने संतोष टंडन का मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज एसपी सिटी को सौंप दिए, इससे धोखाधड़ी की बात स्पष्ट हो गई है। अब सवाल यह उठ रहा है कि मृतक की जगह किसने इस अनुबंध पर हस्ताक्षर किए?

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अस्पताल निदेशक ने रखा पक्ष
मॉडल टाउन निवासी सिद्धि विनायक अस्पताल के निदेशक चरन कंवलजीत सिंह को कुछ दिन पहले व्हाट्सएप कॉल से धमकी दी गई थी। इसी मामले की जांच में यह भेद खुला कि संतोष टंडन के आश्रितों से उन्होंने जमीन खरीदी थी। इसी जमीन पर कंवलजीत सिंह का पेट्रोल पंप है। अब इन्हीं संतोष टंडन को जीवित बताया जा रहा है। कंवलजीत सिंह ने एसपी सिटी मानुष पारीक को संतोष टंडन का मृत्यु प्रमाण पत्र भी सौंपा। बताया कि टंडन व उनके भाइयों ने अपनी भूमि का कुछ हिस्सा नंदनवन कॉलोनी के रूप में विकसित कर बेच दिया था। तहसीलदार और लेखपाल की जांच में पुष्टि हो चुकी है कि टंडन परिवार के पास उस क्षेत्र में कोई भूमि नहीं है।
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राइस मिलर ने दी सफाई- हमने एग्रीमेंट निरस्त करवा दिया

राइस मिलर अर्पित अग्रवाल ने अधिकारियों को पत्र देकर सफाई दी है कि उन्हें किसी ने भ्रमित कर दिया था। अब उन्होंने एग्रीमेंट भी निरस्त करवा दिया है। वह इस जमीन पर कोई दावा नहीं कर रहे हैं। बताया कि मॉडल टाउन पुलिस चौकी से कॉल आने के बाद उन्हें पता लगा कि फर्जीवाड़ा हुआ।

- संतोष टंडन के जीवित होने का दावा कर जो एग्रीमेंट किया गया था उसे निरस्त होने की बात बताई जा रही है। इस प्रकरण में संतोष टंडन का मृत्यु प्रमाणपत्र भी पेश किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जो सच्चाई मिलेगी, उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। - मानुष पारीक, एसपी सिटी
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अमर उजाला ब्यूरो
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