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आरोप : मृतक आश्रित में नौकरी के लिए तैयार करा ली फर्जी कोविड रिपोर्ट

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तैयार कराई फर्जी कोविड रिपोर्ट।
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ग्राम प्रधान सहायक पद पर भर्ती के लिए लगाया मृतक का फर्जी कोविड प्रमाण पत्र

बरेली। कोरोना से मृत सरकारी सेवारत के आश्रित को नौकरी देने में प्राथमिकता के आदेश के बाद अब खेल शुरू हो गया है। किसी और कोरोना संक्रमित की सैंपल आईडी पर मृतक का नाम फर्जी तरीके से दर्ज करने का गंभीर आरोप लगा है। पंचायत सहायक पद के लिए आवेदन के बाद मेरिट जारी होने पर इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
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मीरगंज की ग्राम पंचायत जाम में पंचायत सहायक/अकाउंटेंट-कम डाटा इंट्री ऑपरेटर पद के लिए पिछले दिनों आवेदन मांगे गए थे। इसी ग्राम पंचायत की रहने वाली 25 वर्षीय शीतल ने भी आवेदन किया था। कोरोना से मृतक के वारिसान के तौर पर उसने पिता नरोत्तम दास की कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट और डेथ सर्टिफिकेट संलग्न किया था। आवेदनों की जांच के बाद हाल ही में मेरिट घोषित की गई तो इस मामले का खुलासा हुआ।
ग्रामीणों के मुताबिक, शीतल के पिता की मौत कोविड से नहीं हुई और न ही वह कोविड संक्रमित थे। उनकी फर्जी रिपोर्ट बनाकर, कूटरचित दस्तावेज लगाकर शासनादेश का दुरुपयोग किया गया है। नरोत्तम दास की जो कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट लगाई गई है, उसकी सैंपल आईडी जांचने पर मीरगंज के ही नौ वर्षीय बच्चे सिजान की आईडी खुल रही है। ग्रामीणों ने मामले की सघन जांचकर कार्रवाई की मांग की है।

ऑनलाइन नहीं बदलती रिपोर्ट, मैन्युअल में खेल की आशंका

सैंपल को ऑनलाइन दर्ज करने वाली आईडीएसपी टीम का कहना है कि ऑनलाइन रिपोर्ट को कोई नहीं बदल सकता है, इसलिए ऑनलाइन जो रिपोर्ट दिख रही है वही सौ फीसदी सही है। मैन्युअल तरीके से दी गई कोविड की जांच रिपोर्ट को फर्जी तरीके से किसी फोटोशॉप से बनाए जाने की आशंका है। यानी टीम ने सिजान की रिपोर्ट को ही सही ठहराया है और नरोत्तम की रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं।

रिपोर्ट में छेड़छाड़ का पहला मामला

स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार अब तक जिले में करीब 15 लाख लोगों की कोविड जांच की जा चुकी है। इनमें से किसी एक सैंपल आईडी पर दो रिपोर्ट जारी नहीं हुई है। डिप्टी एसीएमओ और सैंपलिंग इंचार्ज डॉ. सीपी सिंह के मुताबिक, एक व्यक्ति की एक ही सैंपल आईडी होती है, जो मोबाइल नंबर के जरिए पोर्टल पर देखी जा सकती है। ऑनलाइन आईडी में जो नाम पता है वही सही माना जाता है।

प्रकरण मेरे संज्ञान में है। इसकी जांच कराई जा रही है। कोविड रिपोर्ट फर्जी होने की पुष्टि पर नियुक्ति रद्द कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - धर्मेंद्र कुमार, जिला पंचायतराज अधिकारी

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