फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अखिलेश ने प्रदेश सरकार पर कसा तंज: टावर चोरी मामले पर कहा- बिना मिलीभगत के यह संभव नहीं, जनता भी जानती है

Mon, 08 Jan 2024 09:36 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी

सार

सपा अध्यक्ष ने कहा कि जनता भी जानती है कि इतना बड़ा काम एक रात में अंजाम नहीं दिया जा सकता। अगले चुनाव में जनता भाजपा सरकार की नाकामी और भ्रष्टाचार के टावर का पुर्जा-पुर्जा खोल देगी।'
विज्ञापन
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में मोबाइल टावर चोरी होने के मामले पर चुटकी लेते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार को घेरा है। उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर बयान साझा करते हुए लिखा है 'यूपी में चोर-उच्चकों तक के हौसले, जीरो टॉलरेंस का दावा करनेवाली भाजपा सरकार के सामने 50 मीटर से भी अधिक बुलंद हैं।'

विज्ञापन


अखिलेश यादव ने बयान में कहा है कि 'पहले कौशांबी से और अब लखीमपुर खीरी से 50 मीटर ऊंचे टॉवर के सरेआम चोरी होने की जो खबर है वो बताती है कि उप्र में चोर-उच्चकों तक के हौसले, जीरो टॉलरेंस का दावा करनेवाली भाजपा सरकार के सामने 50 मीटर से भी अधिक बुलंद हैं। इतनी बड़ी चोरी शासन-प्रशासन के प्रश्रय और मिलीभगत के बिना संभव ही नहीं है क्योंकि जनता भी जानती है कि इतना बड़ा काम एक रात में अंजाम नहीं दिया जा सकता। अगले चुनाव में जनता भाजपा सरकार की नाकामी और भ्रष्टाचार के टावर का पुर्जा-पुर्जा खोल देगी।'

यह था मामला
लखीमपुर खीरी के भीरा इलाके में चोरी का एक अजब ही मामला सामने आया है। यहां 50 मीटर ऊंचा टावर चोरी हो गया। इसका मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामला पांच महीने पहले अगस्त का बताया गया है, जिसकी रिपोर्ट जनवरी में दर्ज कराई गई है। मुकदमा ऑनलाइन पोर्टल के जरिये दर्ज कराया गया है। पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है।

उमरिया बेल गांव निवासी जीटीएल कंपनी के टेक्नीशियन मुमताज ने भीरा थाने में दर्ज कराए मुकदमे में बताया कि कंपनी का एक टावर गांव भानपुर में एक किसान की जमीन पर लगा हुआ था। टावर का आधिकारिक नाम भानपुर के नाम से दर्ज है। अगस्त में जब वह टावर की जांच करने पहुंचे तो टावर चोरी हो चुका था। मौके पर टावर, शेल्टर, इलेक्ट्रानिक फिटिंग व अन्य सामान गायब था। चोरी के सामान की कीमत करीब 15 लाख है। मुमताज का कहना है कि सप्ताह भर पहले पुलिस के पास गए थे। इससे पहले कंपनी अपनी जांच कर रही थी। थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया, इसलिए ऑनलाइन मुकदमा दर्ज कराया गया है। उधर, टावर चोरी की यह घटना पुलिस के गले से नीचे नहीं उतर रही। घटना को संदिग्ध बताया जा रहा है।

लंबे समय से बंद पड़ा था टावर
टेक्नीशियन मुमताज ने बताया कि टावर करीब 10 वर्षों से बंद था। कभी-कभार वह जांच के लिए जाते थे। इस बार जब जांच करने पहुंचे तो पूरा टावर गायब था। ऐसा लग रहा कि जैसे पहले यहां टावर था ही नहीं। बताया कि टावर करीब 50 मीटर ऊंचा था। जिले में कई अन्य टावर भी गायब हो चुके हैं।
विज्ञापन

उठ रहे सवाल
गांव के पास से पूरा टावर चोरी हो जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। टावर अगर बंद था तो कंपनी ने सामान क्यों नहीं हटाया। अगस्त में निरीक्षण के समय टावर गायब मिला तो उस समय रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज कराई गई। पांच माह बाद ऑनलाइन एफआईआर कराई गई। कई अन्य सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें