अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरिगिरि ने कहा कि परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि बहुत जीवट वाले व्यक्ति थे। वह आत्महत्या नहीं कर सकते। सरकार मौत के कारणों की जांच करा रही है। इससे वह संतुष्ट हैं। परिषद भी अपनी गुप्त एजेंसी से जांच करा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा होगा।
महंत हरिगिरि ने यह बात बुधवार को यहां वनखंडी नाथ रामलीला के शुभारंभ के अवसर पर कही। जूनागढ़ अखाड़ा से संबंध रखने वाले अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरि ने कहा कि महंत नरेंद्र गिरि के निधन से पूरा विश्व स्तब्ध है। उनका महंत नरेंद्र गिरि से वर्ष 1974 से साथ था। उनकी मौत में गहरी साजिश है। अपराधी कोई भी हो, कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इस घटना से अखाड़ा परिषद कलंकित हुई है। विश्व के हिंदू सनातन संगठनों के अलावा मुस्लिम संगठनों ने भी उनके निधन पर शोक जताया। विश्व के लिए यह शर्मनाक घटना है।
बरेली से बहुत पुराना संबंध है हरिगिरि का
अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरि का बरेली से बहुत पुराना संबंध हैं। वह बताते हैं कि आज जो कुछ भी हैं, बाबा वनखंडीनाथ की कृपा से ही हैं। मंदिर निर्माण के दौरान वह बरेली आकर मढ़ीनाथ में रहे थे। उन्होंने मिट्टी ढोई है। गारा भी बनाया है। वह रोजाना मढ़ीनाथ से पैदल वनखंडीनाथ मंदिर जाते थे।
रामलीला के शुभारंभ को किया हवन पूजन
महंत हरिगिरि ने रामलीला शुभारंभ की पूर्व संध्या पर हवन पूजन किया। उनके साथ जूनागढ़ अखाड़े के नारायण भारती, सावन गिरि, तीरथ गिरि, गोपाल गिरि, मोहनानंद गिरि, केदार गिरि समेत 40 पुजारी थे। रामलीला कमेटी के संयोजक धर्मेंद्र राठौर, सुरेश चंद्र, हरिओम राठौर, पंडित सुनील शर्मा, मुन्ना लाल राठौर आदि भी उपस्थित रहे।