ट्रेंक्युलाइज कर टाइगर रिजर्व में छोड़े गए दो नेपाली हाथियों में से एक तो शारदा नदी पार कर नेपाल की तरफ निकल गया है, जबकि उत्तराखंड के सुरई रेंज के जंगल में मौजूद उसका साथी भटककर मौनीगुलड़िया गांव की ओर आ गया है। इससे फिर दहशत फैल गई है। हाथी ने रविवार को एक बीघा धान की फसल उजाड़ दी।
गांव वालों ने शोर मचाया तो हाथी फैजुल्लागंज जंगल की ओर चला गया। हालांकि अभी किसी बस्ती में नहीं घुसा है। सुरई रेंज से हाथी के आने की सूचना से अफसरों में भी खलबली है। अफसरों ने हाथी को घेरने के लिए कांबिंग शुरू कर दी है।
एक माह पूर्व नेपाल की शुक्लाफांटा सेंक्चुरी से निकले दो हाथी विभाग के लिए सिरदर्द बन गए थे। चार जिलों की सीमा में उत्पात मचाने के बाद गुरुवार को रामपुर की सीमा में हाथियों को ट्रेंक्युलाइज कर टाइगर रिजर्व के जंगल में छोड़ दिया गया था। लेकिन दोनों हाथी एक दूसरे से बिछड़ गए। एक रमनगरा में उत्पात मचाने लगा तो दूसरा सुरई रेंज के जगंल की ओर चला गया। रमनगरा में उत्पात मचा रहे हाथी को शनिवार को शारदा नदी के पार कर गुन्हान के रास्ते नेपाल की ओर खदेड़ दिया गया।
सुरई रेंज के जंगल में भटककर दूसरा हाथी रविवार सुबह करीब साढ़े चार बजे बराही रेंज के जंगल के रास्ते मैनीगुलड़िया गांव की सीमा में पहुंच गया और धान की फसल को तहस-नहस कर दिया। उसके बाद हाथी फैजुल्लागंज जंगल की ओर चला गया। हाथी की लोकेशन ट्रेस करने के लिए पांच टीमों को अलग-अलग क्षेत्र में लगाया गया है। फिलहाल शाम तक हाथी की वर्तमान लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी थी।
सुरई रेंज के जंगल क्षेत्र से दूसरा हाथी बराही रेंज की सीमा में पहुंच गया है। फैजुल्लागंज जंगल क्षेत्र में भी पगचिह्न मिले है। पांच टीमों को लगाकर हाथी की लोकेशन ट्रेस कराई जा रही है। हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है -
वजीर हसन, रेंजर, बराही