पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया गया था?
वन दरोगा पर लग रहे हिरन के मांस की दावत करने के आरोप काफी हद तक सही माने जा रहे हैं। अगर हिरन को दफन कर दिया गया तो दो दिन के अंदर मांस कहां चला गया। मौके से सिर्फ हड्डियां बरामद हुई हैं। सवाल तो यह भी है कि हिरन की खाल को बेचा तो नहीं गया। हिरन का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया था। डीएफओ इस मामले में चुप्पी साध गए हैं।
नर्सरी की देखरेख करने वाला कर्मचारी हिरासत में
पुलिस ने कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद नर्सरी की देखरेख करने वाले कर्मचारी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अब उस कर्मचारी से पूछताछ कर रही है। पुलिस का मानना है कि कर्मचारी को सच्चाई पता है। उससे पूछताछ की जा रही है।