परिवार की महिला से थे अवैध संबंध
थाना प्रभारी प्रवीन सोलंकी ने बताया कि 2006 में एहसान और बाबू खां एक ही मुकदमे में जेल में बंद रहे थे। बाबू की जमानत हो गई और वह जेल में ही रहा। एक साथ तारीख होती थीं तो बाबू खां उसके परिवार की महिला को लेकर आता था। इसी दौरान बाबू खां से महिला के अवैध संबंध हो गए थे।
जेल से बाहर आने पर उसे अवैध संबंधों की जानकारी हुई। तभी से वह बाबू खां से नफरत करने लगा। घटना वाले दिन बाबू उसके घर के पास ही काम कर रहा था तो उसने उसकी हत्या कर दी। एसपी उत्तरी मुकेश मिश्रा ने बताया कि बाबू खां को जेल भेजा गया है। बाकी दो लोगों कामरान और शहरोज की नामजदगी झूठी पाई गई है।