हेलमेट लगाकर जाते तो बच जाती जान
आंवला के मोहल्ला कच्चा कटरा निवासी सुंदरम गोस्वामी का परिवार सड़क हादसे में एक सदस्य को खोने के बाद अब हेलमेट नहीं लगाने का अफसोस जता रहा है। सुंदरम ने बताया कि उनके बड़े भाई सत्यम गोस्वामी 24 मई की शाम को खाना खाने के बाद बेटे के साथ बाइक लेकर घर से निकले थे।
परिजनों ने उनसे हेलमेट लेकर जाने के लिए कहा था, पर उन्होंने थोड़ी दूर जाने की बात कहकर टाल दिया था। थोड़ी देर में सूचना मिली कि रामनगर रोड पर सड़क हादसे में भाई की मौत हो गई। उनके परिवार में पत्नी व पांच बच्चे हैं। पूरा परिवार उनकी कमाई पर निर्भर था। काश वह हेलमेट लगाकर जाते तो शायद उनकी जान बच जाती।
पिता को खोकर समझे हेलमेट की कीमत
मीरगंज में सड़क हादसे में पिता की मौत के संजरपुर निवासी अंकित शर्मा और उनके परिवार को हेलमेट की अहमियत समझ में आई। अंकित ने बताया कि उनके पिता नरेश शर्मा अपनी ससुराल रामपुर जिले के कांकर जा रहे थे। अलीगंज के पास सामने से आ रही बाइक से उनकी बाइक की टक्कर हो गई।
हादसे में सिर पर गंभीर चोट लगी और पिता की मौके पर ही मौत हो गई। अंकित ने कहा कि अगर पिताजी ने हेलमेट लगाया होता तो शायद आज वह हमारे बीच होते। लोग अक्सर हेलमेट को बोझ समझते हैं, लेकिन यह जिंदगी बचाने की ढाल है। अंकित ने लोगों से अपील की है कि बाइक चलाते समय हेलमेट जरूर लगाएं।