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Bareilly News: चार सौ रुपये की ड्रेस, स्कूल का लोगो लगने के बाद आठ सौ में बिक रही, अभिभावकों की कट रही जेब

Sun, 05 Apr 2026 01:52 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली के नामी स्कूलों और चुनिंदा दुकानदारों के गठजोड़ से बड़ा खेल चल रहा है। जो स्कूल ड्रेस सामान्य दुकानों पर चार सौ रुपये में उपलब्ध है, वही ड्रेस तय दुकानों पर दोगुने दामों पर मिल रही है। अभिभावकों को स्कूल द्वारा बताई गई दुकानों से मजबूरन स्कूल ड्रेस खरीदने पड़ रही है। 
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दुकान पर टंगी स्कूल ड्रेस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नए शैक्षणिक सत्र में निजी स्कूलों ने मुनाफे की फसल काटनी शुरू कर दी है। बरेली शहर के नामी स्कूलों और चुनिंदा दुकानदारों के गठजोड़ ने मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। यह पूरा खेल स्कूलों के लोगो पर टिका है। जो ड्रेस बाजार में 400 रुपये का मिल रही है, स्कूल का लोगो लगने के बाद उसकी कीमत 800 रुपये हो जाती है।

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नैनीताल रोड स्थित एक नामी स्कूल के ड्रेस की बात करें तो पैंट-शर्ट का सेट तय दुकानों पर 800 रुपये का मिल रहा है। जबकि वही कपड़ा, वही रंग और वही सिलाई वाला ड्रेस सामान्य दुकानों पर महज 400 रुपये में उपलब्ध है। अंतर सिर्फ लोगो का है। यानी अभिभावकों को स्कूल के एक छोटे से स्टीकर के लिए 400 रुपये अतिरिक्त चुकाना पड़ रहा है। बताते हैं कि दुकानों और स्कूलों के बीच 30-40 फीसदी कमीशन तय होता है। यही कारण है कि स्कूल प्रबंधन अभिभावकों पर खास दुकान से ही सामान खरीदने का दबाव बनाता है। यदि अभिभावक बाहर से ड्रेस सिलवा भी लें तो लोगो की डिजाइन में मामूली बदलाव कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।

मोजों से लेकर हाउस ड्रेस तक का मायाजाल
20 से 30 रुपये के मोजे तय दुकानों पर 55 रुपये में बेचे जा रहे हैं। जिलाधिकारी आवास के पास एक दुकान पर कक्षा पांच के बच्चे की ड्रेस का पूरा सेट (शर्ट, पैंट, मोजे, बेल्ट, टाई, हाउस ड्रेस) 2500 रुपये में मिल रहा है, जबकि बड़ा बाजार में यही सामग्री 2000 रुपये में उपलब्ध है। शहर के अलग-अलग इलाकों में कीमतों का अंतर देखकर अभिभावक हैरान हैं। कैंट और जिला अस्पताल रोड की दुकानों पर ड्रेस की कीमतों में 300 से 500 रुपये तक का अंतर है। गुणवत्ता एक जैसी होने के बावजूद कीमतों का यह अंतर सीधे तौर पर दुकानदारों की मनमानी और उनसे स्कूल प्रबंधन की सांठगांठ की ओर इशारा करता है।

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ड्रेस की कीमतों में दोगुने का अंतर
सुभाषनगर के योगेश कुमार ने बताया कि उन्होंने कैंट के एक स्कूल में अपने दो बेटों का दाखिला करवाया था। स्कूल की ओर से एक ड्रेस उन्हें 850 रुपये की मिली। बेटी के लिए हाउस ड्रेस (टी-शर्ट और लोवर) लेना है। यह कहीं 1500 तो कहीं 1000 में मिल रहा है।

बड़ा बाजार के राजेश ने बताया कि उनका बेटा डोहरा रोड स्थित एक स्कूल में पढ़ता है। स्कूल के लोगो के कारण चुनिंदा दुकानों से ही ड्रेस खरीदने की मजबूरी रहती है। स्कूलों के लोगो अगर बाजारों में मिलने लगे तो अभिभावकों को काफी राहत मिल सकती है।
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