बरेली। प्रेमनगर भूड़ मोहल्ले के सचिन अस्थमा से पीड़ित हैं। मौसम बदलने के साथ उन्हें दिक्कत बढ़ने लगी। बुधवार रात बाइक पर शादी समारोह में जाने से तबियत और बिगड़ गई। बृहस्पतिवार को उन्हें दवा लेने जिला अस्पताल जाना पड़ा। सुभाषनगर निवासी कमलेश सर्दी, खांसी से परेशान हैं। वह कहती हैं, ठंड मुसीबत लेकर आती है। मठ लक्ष्मीपुर के हेतराम को पहले खांसी जुकाम हुआ और फिर कान बहने लगा। इसके अलावा तमाम लोग तापमान गिरने के साथ होने वाली इंफेक्शन संबंधी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
जिला अस्पताल के चेस्ट एवं टीवी रोग विशेषज्ञ डॉ. विपिन कुमार धस्माना ने बताया कि सांस रोग दो तरह से होता है। एक- बीड़ी, सिगरेट, शराब पीने या चूल्हे के धुएं से। दूसरे ठंड में सर्दी, जुकाम से भी श्वांस रोग और खांसी हो जाती है। प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर इंफेक्शन बढ़ता जाता है और मरीज का कान बहने लगता है। डॉ. धस्माना ने बताया कि वह सामान्य दिनों में सांस-खांसी के रोज 70-80 मरीज देखते हैं। ठंड बढ़ने के बाद से संख्या बढ़कर 140-150 हो गई।
ये बातें ध्यान रखें
डॉक्टर धस्माना के मुताबक, सूर्य निकलने के पहले और सूर्यास्त के बाद घर से बाहर न निकलें। ज्यादा जरूरी काम हो तो सिर और गला ढककर ही बाहर जाएं। खांसी, जुकाम होने पर गर्म पानी का बफारा लें। हरी सब्जियां और प्रोटीन युक्त खाना खाएं। ठंडा पानी पीने से बचें।