बरेली। साइबर अपराधियों से बैंक कर्मचारियों की सांठगांठ के आरोप पहले से लगते रहे हैं, लेकिन पहली बार उच्चस्तरीय जांच में यह खेल खुलकर सामने आया है। फर्जी ऑफर लेटर के जरिये बैंक में 25 खाते खोले गए और इनके लेनदेन का अधिकार साइबर अपराधियों को सौंप दिया गया। अब तीन बैंककर्मियों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पिछली साल कोतवाली क्षेत्र में साइबर ठगी के कई मामले सामने आए थे। इनमें से कुछ मुकदमे दर्ज हुए थे। तब 22 अगस्त 2024 में एसआईटी गठित की गई थी जो संदेहास्पद वित्तीय लेनदेन के मामलों की पड़ताल कर रही है। एसआईटी की जांच में सामने आया कि फतेहगंज पश्चिमी के गांव कुरतरा निवासी भगवानदास समेत 25 लोगों को एक मोबाइल कंपनी में नौकरी देने का झांसा देकर उनके फर्जी ऑफर लेटर बनाए गए। इन फर्जी लेटर के आधार पर आईसीआईसीआई बैंक की सिविल लाइन शाखा में एक ही समय पर भगवानदास समेत 25 लोगों के बैंक खाते खोले गए। जिन लोगों के खाते खोले गए उनको झांसे में लेकर उनके खाते में रुपये लेनदेन का अधिकार अज्ञात व्यक्तियों को सौंप दिया गया। अमर उजाला ब्यूरो
जांच टीम ने खोले बैंककर्मियों के नाम
- आरोप है कि बैंक में तैनात कर्मचारी मोहम्मद नसीम, इस्तकार अली और हेमंत कुमार ने अज्ञात लोगों से सांठगांठ कर ये खाते खुलवाए। इन कर्मचारियों ने वैध खाताधारकों से धोखाधड़ी कर खातों के लेनदेन अधिकार साइबर अपराधियों को दे दिया। इस तरह भगवानदास समेत 25 लोगों से इन तीनों बैंककर्मियों ने धोखाधड़ी की। एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्र ने एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अब कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। साइबर अपराधियों का बड़ा गिरोह पकड़ में आ सकता है।
-
हवाला धंधे के लिए चर्चित हैं धंतिया और करीबी गांव
- फतेहगंज पश्चिमी स्मैक तस्करी के लिए बदनाम हैं जबकि क्षेत्र का गांव धंतिया हवाला धंधे के लिए देशभर में चर्चित है। धंतिया के हवाला धंधेबाज अन्य राज्यों में गिरफ्तार भी हो चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक जब से धंतिया के धंधेबाज पुलिस की नजर में आए हैं तब से इन्होंने ठिकाने बदल लिए हैं। इन्होंने धंतिया के आसपास फतेहगंज पश्चिमी व सीबीगंज के गांवों में नेटवर्क बना लिया है। ग्रामीणों को कमीशन का झांसा देकर उनके नाम से बैंकों में खाते खोले जा रहे हैं। ऐसे मामलों में बैंककर्मियों की मिलीभगत होती हैं। इसी तरह कुरतरा निवासी भगवानदास का खाता नौकरी का झांसा देकर खोला गया और लेनदेन अधिकार अज्ञात लोगों को दे दिया गया। कुरतरा गांव धंतिया से ज्यादा दूर नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि इस रैकेट में धंतिया के हवाला कारोबारी भी जुड़े हो सकते हैं। आसपास के कई अन्य गांवों में इस तरह के लोग सामने आ सकते हैं जिनके खाते बैंक में खुले हैं लेकिन पासबुक, डेबिट व क्रेडिट कार्ड और चेकबुक किसी और के पास हैं। ग्रामीणों को पता नहीं है उनके खाते का इस्तेमाल कहां हो रहा है।
-
वर्जन
- बैंकों में खुले खातों की जांच की गई तो संबंधित लोगों ने पुलिस को बताया कि नौकरी देने के बहाने उनके खाते खुलवाए गए थे। विस्तृत जांच में स्पष्ट हुआ कि बैंक के तीन कर्मचारियों की इसमें मिलीभगत है। इसलिए इनके खिलाफ रिपोर्ट कराई गई है, कुछ और लोगों की सहभागिता मिली तो आगे भी कार्रवाई की जाएगी। - मुकेश चंद्र मिश्रा, एसपी उत्तरी