डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस लेफ्टीनेंट जनरल बीएस राजू को परेड ने दी सलामी
लेफ्टीनेंट जनरल ने रेजिमेंट के गौरवशाली इतिहास, साहस और बहादुरी की सुनाई गाथा
बरेली। जाट रेजिमेंट सेंटर का 226वां स्थापना दिवस शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गौरवान्वित करने वाले आयोजन के दौरान कर्नल ऑफ द जाट रेजिमेंट, डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस लेफ्टीनेंट जनरल बीएस राजू मौजूद रहे। भावी रिक्रूट्स ने उन्हें सलामी दी। जाट रेजिमेंट की शौर्यगाथा बताते हुए उन्होंने जवानों को देश की आन, बान, शान को सदैव अक्षुण्ण रखने का संकल्प दिलाया गया।
कोरोना महामारी की आशंका के चलते इस बार भी स्थापना दिवस पर कार्यक्रमों की श्रृंखला कम रही मगर जोशोखरोश में कहीं कोई कमी दिखाई नहीं दी। दो दिवसीय समारोह का आयोजन कोरोना से बचाव के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए किया गया था। शुरुआत परंपरागत तौर पर मंदिर में प्रार्थना से हुई। इस दौरान जाट रेजिमेंट सेंटर के विकास और सफलता के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। इसके बाद जाट युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि समारोह हुआ। रेजिमेंट के उन वीर जवानों को याद किया गया, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
मुख्य अतिथि लेफ्टीनेंट जनरल बीएस राजू (यूवाईएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम) ने आयोजित परेड का निरीक्षण किया। परेड ग्राउंड पर जवानों के कदमताल की गूंज माहौल को जोश खरोश से लबरेज कर रही थी। लेफ्टीनेंट जनरल ने सभी जवानों को बेहतरीन टर्नआउट और ड्रिल के लिए सराहा। उन्हें देश की सेवा और रक्षा के लिए प्रेरित किया।
मिलिट्री बैंड की धुन भर रही थी देशप्रेम का जोश
226वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान परेड ग्राउंड पर मिलिट्री बैंड देशभक्ति की धुनों से लोगों में देश प्रेम का जज्बा भर रहा था। लेफ्टीनेंट जनरल ने जवानों को संबोधित करते हुए रेजिमेंट के गौरवशाली इतिहास साहस और बहादुरी की जानकारी दी। उन्होंने रेजिमेंट के सभी रैंकों से राष्ट्र की सेवा करने और राष्ट्र की अखंडता, संप्रुभता सुनिश्चित रखने के लिए तत्पर रहने की प्रेरणा दी। सैन्य अफसरों के मुताबिक 20 नवंबर, 1795 में कलकत्ता के स्थानीय मिलतिया जगह पर जाट रेजिमेंट सेंटर की स्थापना हुई थी। वहीं, वर्ष 1922 में बरेली में जाट रेजिमेंट सेंटर की स्थापना की गई थी।