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फिसड्डी एबीआरसी पर अफसरों की मेहरबानी

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बरेली। शिक्षा गुणवत्ता परखने में नाकाम रहे एबीआरसी पर कार्रवाई में खानापूर्ति कर दी गई है। फिसड्डी एबीआरसी से महज स्पष्टीकरण लेकर और कार्य का अवलोकन करने की जिम्मेदारी बीएसए को सौंप दी गई है। बेसिक शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से सभी शिक्षक संगठन और शिक्षा मित्र हैरत में है। वे रिपोर्ट में नाकाम दर्ज एबीआरसी को एक बार तैनाती मिलने से शिक्षा की गुणवत्ता और बदहाल होने की बात कही है।
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पिछले दिनों खुद निदेशक डॉ. सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने जनवरी 2019 से कक्ष अवलोकन करने में फिसड्डी एबीआरसी को मूल पद पर वापस भेजने के निर्देश दिए थे। वहीं, बुधवार को जारी आदेश में निदेशक ने ही महज स्पष्टीकरण लेने की कार्रवाई की संस्तुति की है। साथ ही, लक्ष्य भी परिवर्तित कर दिया है। अब एबीआरसी को 6 माह में 120 की जगह 110 कक्षाओं का ही अवलोकन करना होगा। छह माह में सिर्फ 66 स्कूलों में जाकर शैक्षिक गुणवत्ता आंकनी होगी। बताया जाता है कि केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के हस्तक्षेप के बाद बेसिक शिक्षा विभाग बैकफुट पर आ गया है। बता दें कि 65 एबीआरसी पर परिषदीय स्कूलों में पहुंचकर वहां सिर्फ दो से नौ मिनट ठहरने, इक्षा एप पर ऑनलाइन फीडिंग न करनेे पर निदेशक ने मूल पद पर भेजने के निर्देश दिए थे। बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने निदेशक के आदेशानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
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