बरेली। चौकी चौराहे पर मस्जिद के सामने सड़क बंद करके नमाज पढ़ने का मामला गरमा गया। कई शिकायतों और हमेशा की तरह दूरदराज से नमाजी जुटने की सूचना पर पहुंचे एसपी सिटी ने इसे गलत बताकर नमाज अंदर पढ़ने को कहा। इस पर इंतजाम करने वाले और नमाजी तैश में आ गए। चौराहे के बाद चौकी के अंदर उन लोगों की एसपी सिटी और सीओ सिटी से तीखी तकरार हुई। मगर अधिकारियों तर्क और तेवर देख वे लोग ढीले पड़ गए। फिर आधी रोड छोड़कर टेंट लगाकर नमाज पढ़ी गई। इस दौरान काफी पुलिस बल मौजूद रहा।
चौकी चौराहा स्थित मस्जिद के सामने सड़क के एक भाग पर जुमा और अलविदा की नमाज पढ़ी जाती है। इस बारे में कई बार शिकायत हुई लेकिन विवाद से बचने को अफसर हर बार टाल देते थे। इस बार ऑनलाइन कई शिकायतें शासन तक पहुंचीं। इसके बाद अलविदा की नमाज के दिन नजर रखने को कहा गया। शुक्रवार दोपहर इंतजामिया कमेटी के लोग मस्जिद के सामने सड़क की एक साइड घेरकर टेंट लगाने लगे। नमाज पढ़ने को काफी भीड़ जुटने लगी। स्थानीय पुलिस और खुफिया अमला पहले से सक्रिय था। जांच में पता लगा कि स्थानीय नमाजी यहां गिनती के हैं। जबकि डेलापीर, कोहाड़ापीर और शहर के दूरदराज हिस्सों से लोगों को कॉल करके वहां नमाज पढ़ने को बुलाया जा रहा है। भीड़ ज्यादा दिखाकर हमेशा की तरह सड़क घेरकर नमाज होगी। इस पर एसपी सिटी अभिनंदन सिंह और सीओ सिटी कुलदीप कुमार वहां पहुंचे। उन्होंने सड़क पर टेंट लगाने को गलत बताकर नाराजगी जताई। इस पर इंतजामिया कमेटी के लोग विरोध और बहस करते हुए पुरानी रवायत बताकर जिद करने लगे। सीओ ने सख्ती कर जेल भेजने की चेतावनी दी। वहीं, एसपी सिटी के तर्कों के आगे भी भीड़ की एक न चली। उन्होंने कहा कि यह मुख्य सड़क आवागमन के लिए है। यहां गंदगी भी रहती है और बीच रोड पर नमाज पढ़ना असुरक्षित भी हो सकता है। इसके बाद एसपी सिटी ने आधी सड़क छुड़वाकर उन्हें टेंट लगाकर नमाज पढ़ने दी। पुलिस भी तैनात रही। इस बीच दूरदराज से आई काफी भीड़ पुलिस देखकर वहां से चली गई।
चौकी चौराहे पर नमाज के तरीके को लेकर कई ऑनलाइन शिकायतें पुलिस के पास आ रही थीं। इसलिए सच जानने को मौके पर खुद गए थे। वहां स्थिति वाकई गड़बड़ मिली। सड़क घेरकर नमाज पढ़ना तो किसी तरह जायज नहीं है। इससे हर वर्ग के लोगों को परेशानी होती है। वाहनों के शोर से खुद नमाजियों का ध्यान बंटता होगा। हादसे की भी आशंका रहती है। लोगों को समझाया तो वह मान गए और आधी सड़क छोड़ दी। नमाज शांतिपूर्वक निपट गई। - अभिनंदन सिंह, एसपी सिटी
चौकी चौराहे पर नमाज पढ़ने के प्रकरण में एसपी सिटी वहां गए थे। उनको पूरे प्रकरण की बेहतर जानकारी है। इसलिए इस संबंध में जो पुलिस का रुख होगा, वही प्रशासन का। नियम विरुद्ध कोई काम नहीं होगा। रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन
लोगों के बयान
कोई भी मजहब इजाजत नहीं देता कि किसी को परेशान में मुबतिला करके इबादत करें। अल्लाह की इबादत भी इसीलिए है कि कोई किसी को तकलीफ न पहुंचाए। - शब्बू मियां, प्रबंधक खानकाह नियाजिया
कोशिश इस बात की होना चाहिए कि पहले खाली मस्जिदों को भरा जाए। वैसे तो ऐसे किसी भी काम से बचना चाहिए, जिससे दूसरों को तकलीफ पहुंचती हो। - हकीम खुर्शीद मुराद
रोड पर नमाज अदा करना गलत है। सड़क घेरने से राहगीरों को काफी दिक्कत होती है। साथ ही, अगर कोई मरीज इमरजेंसी में इलाज के लिए जा रहा है तो उसकी जान पर बन सकती है। किसी भी धर्म का आयोजन हो, प्रयास होना चाहिए कि किसी को समस्या न हो। - डॉ. एके चौहान, वरिष्ठ चिकित्सक
सड़क घेरकर नमाज अदा करना या जागरण करना दोनों ही सही नहीं है। लोगोें को कितना भी समझाओ, वे यह नहीं समझते कि इस तरह के आयोजन से दूसरों को कितनी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रयास होना चाहिए कि आयोजन से अन्य कोई परेशान न हो। - राजकुमार अग्रवाल, पूर्व मेयर
सड़क घेरकर कोई आयोजन हो रहा है तो उसे सही नहीं कहा जा सकता है। हिंदू हों या मुसलमान आपसी सामंजस्य के बाद ही सड़क पर आयोजन का निर्णय लें ताकि किसी को कोई समस्या न हो। सड़क पर बुजुर्ग, बीमार और असहाय लोगों को बेहद परेशानी होती है। - कमलनयन दास, महंत, तुलसीमठ