बरेली। आखिरकार 24 घंटे की मोहलत पूरी हो गई। ‘द जेएस ग्रांट’होटल के मालिक फायर की एनओसी नहीं दे पाए। समय सीमा खत्म होते ही बीडीए ने होटल को सील कर दिया। होटल के भवन का कामर्शियल नक्शा भी स्वीकृत नहीं है। लंबे समय से होटल आवासीय नक्शे की बिल्डिंग में चल रहा था। बीडीए ने व्यापारियों की मांग पर होटल मालिक को फायर की एनओसी लाने के लिए 24 घंटे का टाइम दिया था।
स्टेडियम रोड पर स्थित होटल ‘दि जेएस ग्रांट’ को फायर की एनओसी न होने की वजह से बृहस्पतिवार को बीडीए की टीम सील करने गई थी। तब व्यापारियों ने होटल मालिक के पक्ष में यह तर्क देकर सीलिंग रुकवा दी थी कि फायर ने जो अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया है, उसे होटल मालिक ठीक से समझ नहीं पाए। इसलिए फायर की दोबारा एनओसी लाने के लिए 24 घंटे का समय दे दिया जाए। बीडीए वीसी ने व्यापारियों की यह बात मानकर होटल मालिक को फायर की एनओसी लाने के लिए 24 घंटे का वक्त दे दिया था। निर्धारित समय सीमा शुक्रवार को खत्म हो गई। एनओसी न आने पर बीडीए टीम ने दोबारा जाकर होटल सील कर दिया। बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल ने बताया कि होटल की बिल्डिंग की तीन मंजिल इमारत का नक्शा आवासीय था। रिहायशी नक्शा पास कराकर उसमें कामर्शियल गतिविधियां चलाई जा रही थीं। होटल मालिक पर फायर की एनओसी भी नहीं थी। प्राधिकरण नियमों के विरुद्ध संचालित होने पर होटल को सील किया गया है। अवैध भवनों पर बीडीए की कार्रवाई लगातार जारी रहेगा। रिहायशी नक्शे मंजूर कराकर उसमें कामर्शियल गतिविधियां किसी भी हाल में नहीं चलने दी जाएंगी। ऐसे भवनों को हर हाल में कामर्शियल कराना पड़ेगा। बीडीए कामर्शियल कराने में भवन मालिकों की हर संभव मदद करेगा।